

इंदौरः देश के सबसे स्वच्छ शहर का कई बार पुरस्कार जीते चुके इंदौर के लिए यह शर्मिंदगी की बात है कि यहां दूषित जल से पीड़ित होकर कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई है जबकि स्थानीय लोगों ने 14 लोगों के मरने का दावा किया है। 1400 से अधिक लोग उल्टी दस्त से पीड़ित हुए थे जबिक 272 लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा था। राज्य के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अस्पतालों का दौरा कर मरीजों और परिवारों को भरोसा दे चुके हैं कि सबको उचित इलाज मिलेगा।
इधर हालांकि इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें शहर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से फैले उल्टी-दस्त के प्रकोप से 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है। लेकिन स्थानीय नागरिकों ने इस प्रकोप से छह माह के बच्चे समेत 14 लोगों के दम तोड़ने का दावा किया है। इस दावे की स्वास्थ्य विभाग ने पुष्टि नहीं की है।
भार्गव ने बताया,‘‘स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त के प्रकोप से चार लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मुझे इस प्रकोप के कारण 10 लोगों की मौत की जानकारी मिली है।’’
पाइप लाइन के लिकेज से पानी दूषित
भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के नमूनों की शुरुआती जांच रिपोर्ट के आधार पर इस इलाके में हैजा फैलने के संदेह पर महापौर ने कहा कि इस बारे में स्वास्थ्य विभाग ही जानकारी दे सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बृहस्पतिवार को बताया था कि शहर के एक चिकित्सा महाविद्यालय की प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि भागीरथपुरा में पाइपलाइन में लीकेज के कारण पेयजल दूषित हुआ था।
उल्टी-दस्त प्रकोप से 1,400 लोग प्रभावित
सीएमएचओ ने हालांकि जांच रिपोर्ट का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया था। प्रशासन के अधिकारी भी इस रिपोर्ट के बारे में स्पष्ट जानकारी देने से बच रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि भागीरथपुरा में एक पुलिस चौकी के पास पेयजल आपूर्ति की मुख्य पाइपलाइन में उस जगह लीकेज मिला है जिसके ऊपर एक शौचालय बना है। अधिकारियों का दावा है कि इस लीकेज के कारण ही पेयजल दूषित हुआ। भागीरथपुरा में उल्टी-दस्त प्रकोप से गुजरे नौ दिनों में 1,400 से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं।
272 मरीज अस्पतालों में भर्ती
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार रात तक की स्थिति के हवाले से बताया कि इस क्षेत्र के 272 मरीजों को अस्पतालों में भर्ती किया गया जिनमें से 71 लोगों को छुट्टी दी जा चुकी है। अधिकारी ने बताया कि अस्पतालों में भर्ती 201 मरीजों में शामिल 32 लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में हैं।