सातवीं कक्षा की छात्रा की रहस्यमयी मौत, घर में फंदे से लटका मिला शव

A seventh-grade student died under mysterious circumstances; her body was found hanging in her home.
सांकेतिक फोटो REP
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया : नदिया जिले के हरिणघाटा थाना क्षेत्र के अंतर्गत बाईस सोनाखाली इलाके में एक 14 वर्षीय छात्रा का शव उसके अपने ही घर में फंदे से लटका हुआ पाया गया। मृत छात्रा हरिनघाटा पानपुर आदर्श विद्यापीठ की सातवीं कक्षा की छात्रा थी। इस घटना के बाद से छात्रा के परिवार में मातम पसरा हुआ है और स्थानीय लोग गहरे सदमे में हैं।

घटना का विवरण और परिवार का दावा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृत छात्रा बिरोही नंबर 2 ग्राम पंचायत के तहत आने वाले बाईस सोनाखाली की रहने वाली थी। परिवार के सदस्यों का कहना है कि वह पिछले कुछ समय से मानसिक रूप से परेशान यानी अवसाद (Depression) में थी। हालांकि, किशोरी के इस मानसिक तनाव के पीछे असली वजह क्या थी, इसे लेकर परिवार ने अभी तक स्पष्ट रूप से कुछ भी नहीं कहा है।

घटना के समय घर के बाकी सदस्य बाहर गए हुए थे और छात्रा घर में अकेली थी। जब परिजन वापस लौटे और उन्होंने छात्रा को आवाज लगाई, तो अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं आया और दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो छात्रा की मां ने शोर मचाना शुरू कर दिया।

खिड़की तोड़कर निकाला गया शव

मां की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी तुरंत मौके पर इकट्ठा हो गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पड़ोसियों ने घर की खिड़की तोड़ दी और अंदर प्रवेश किया। अंदर का दृश्य देखकर सबके होश उड़ गए; छात्रा का शरीर फंदे से लटक रहा था। आनन-फानन में उसे फंदे से नीचे उतारा गया और तुरंत हरिणघाटा ग्रामीण अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद छात्रा को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस जांच और पोस्टमार्टम

पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मंगलवार को छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रारंभिक जांच और परिवार के बयानों के आधार पर पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या छात्रा की मौत के पीछे कोई बाहरी दबाव, स्कूल से जुड़ा कोई विवाद या निजी समस्या तो नहीं थी। जांच अधिकारी छात्रा के स्कूल के दोस्तों और मोबाइल फोन रिकॉर्ड की भी पड़ताल कर सकते हैं ताकि मौत के कारणों का सुराग मिल सके।

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