ऐतिहासिक मोहिनी मिल की जमीन पर अवैध निर्माण को लेकर दी गयी नोटिस

दुकानें तोड़ दिये जाने की नोटिस पर लोगों ने जताया रोष, कहा-हुए हैं ठगी के शिकार
A notice has been issued regarding illegal construction on the land of the historic Mohini Mill.
मिल की जमीन पर अवैध निर्माण को हटाये जाने की पालिका द्वारा दी गयी नोटिस
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

कमरहट्टी: ऐतिहासिक मोहिनी मिल की जमीन पर अवैध कब्जे और निर्माण को लेकर कमरहट्टी नगरपालिका ने कड़ा रुख अपनाया है। स्थानीय निवासियों द्वारा मुख्यमंत्री, सांसद, विधायक और नगरपालिका के चेयरमैन को भेजे गए सामूहिक शिकायत पत्र (Mass Petition) के बाद प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बुधवार को नगरपालिका के चेयरमैन गोपाल साहा ने मिल क्षेत्र का दौरा किया, जिसके बाद अवैध निर्माणों के खिलाफ आधिकारिक नोटिस जारी कर दिया गया है।

अवैध निर्माण ढहाने की चेतावनी

चेयरमैन गोपाल साहा द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि मोहिनी मिल की जमीन केंद्र सरकार की संपत्ति है। इस भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण गैरकानूनी है। नोटिस में दुकानदारों को निर्देश दिया गया है कि वे तत्काल अपने ढांचे स्वयं हटा लें, अन्यथा नगरपालिका बलपूर्वक इन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई करेगी। गोपाल साहा ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध अतिक्रमण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

दुकानदारों के दावे से गरमाया माहौल

इधर, इस नोटिस के बाद दुकानदारों में हड़कंप मच गया है। दुकानदारों का कहना है कि उन्होंने अपनी आजीविका के लिए ये दुकानें बनाई थीं। उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि इन दुकानों का निर्माण स्थानीय पार्षद की सहमति और जानकारी में हुआ था। दुकानदारों ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि उनकी रोजी-रोटी का ध्यान रखा जाए। इसके अलावा मिल परिसर के भीतर अवैध रूप से पेड़ काटे जाने की भी शिकायतें स्थानीय लोगों ने की हैं।

विपक्ष ने साधा निशाना

इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। माकपा (CPIM) के राज्य समिति सदस्य सायंदीप मित्रा ने सीधे तौर पर सत्ता पक्ष को घेरते हुए आरोप लगाया कि 'तोलाबाज माफियाओं' ने पैसों के बदले यहां दुकानें लगवाई थीं। उन्होंने कहा कि चेयरमैन ने नोटिस तो दे दिया है, लेकिन अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन अवैध दुकानों को हटाने में कितनी गंभीरता दिखाता है। अब सबकी निगाहें नगरपालिका की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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