

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया : शांतिपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत फूलिया नबला ग्राम पंचायत के परेशनाथपुर दासपाड़ा इलाके में गुरुवार सुबह लोग उस वक्त दंग रह गए, जब उन्होंने एक मछली पालन वाले तालाब से एक नवजात बच्ची को बरामद किया। हैरानी की बात यह है कि बच्ची की गर्भनाल (umbilical cord) तक नहीं काटी गई थी और उसे मरने के लिए बोरे में बंद कर पानी में फेंक दिया गया था।
कैसे हुआ इस अमानवीय कृत्य का खुलासा?
स्थानीय निवासियों के अनुसार, सुबह करीब 9:30 बजे तालाब के पास मौजूद लोगों ने पानी में कुछ गिरने की तेज आवाज सुनी। जब वे पास पहुँचे, तो उन्होंने देखा कि एक बोरा पानी में डूब रहा है। अनहोनी की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत तालाब में उतरकर बोरे को बाहर निकाला। जैसे ही बोरे का मुंह खोला गया, अंदर का नजारा देख सबकी रूह कांप गई। बोरे के भीतर एक नन्हीं सी जान, एक नवजात कन्या सिसक रही थी।
अस्पताल में जीवन-मौत के बीच जंग
बच्ची को बरामद करने के बाद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना शांतिपुर थाने की फूलिया पुलिस चौकी को दी। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से बच्ची को पहले फूलिया ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे रानाघाट उप-मंडल अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल, बच्ची अस्पताल के ICU में भर्ती है और उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। राहत की बात यह रही कि अस्पताल पहुँचने के बाद बच्ची के रोने की आवाज सुनी गई, जिससे उसके जीवित रहने की उम्मीद जगी है।
सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की तफ्तीश
घटनास्थल के पास रहने वाले लोगों का दावा है कि उन्होंने एक पुरुष और एक महिला को तालाब के पास संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखा था। ग्रामीणों का मानना है कि वे लोग 'किशन मंडी' की ओर से आए थे। स्थानीय निवासियों ने पुलिस से मांग की है कि इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जाए ताकि दोषियों को पकड़ा जा सके।
ग्राम पंचायत प्रधान सुदीप प्रमाणिक ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि यदि परिवार बच्ची का पालन-पोषण करने में असमर्थ था, तो उसे सरकारी संस्थानों को सौंपा जा सकता था, लेकिन इस तरह उसे मौत के मुंह में धकेलना जघन्य अपराध है। शांतिपुर थाना पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।