

कोलकाता: दक्षिण कोलकाता के भवानीपुर में जैन धर्म के पवित्र ‘मानस स्तंभ’ के उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने न्यूटाउन में नए जैन मंदिर निर्माण के प्रस्ताव पर सकारात्मक रुख दिखाया।
जैन समाज की ओर से ‘जितो कोलकाता’ के चेयरमैन धर्मेंद्र जैन ने बढ़ती जैन आबादी को देखते हुए भव्य मंदिर निर्माण की मांग रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सीधे मंदिर का निर्माण नहीं कर सकती, लेकिन समुदाय पहले ट्रस्ट बनाए। यदि जमीन या अन्य सहयोग की आवश्यकता होगी, तो सरकार हर संभव मदद करेगी।
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने लगभग 850 करोड़ रुपये की 146 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं में स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन और अल्पसंख्यक विकास से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। साथ ही 12.5 लाख विद्यार्थियों को साइकिल वितरण कार्यक्रम भी शुरू किया गया।
21 स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी प्रदान की गई। इसके अलावा रामपुरहाट मेडिकल कॉलेज, डायमंड हार्बर और उत्तर बंगाल में ‘मदर एंड चाइल्ड हब’ का उद्घाटन किया गया, फुरफुरा शरीफ में 100 बेड के नए अस्पताल और अलीपुरद्वार में 50 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री ने सॉल्टलेक में 33 करोड़ रुपये लागत से बनने वाले माइनॉरिटी सेंटर का जिक्र करते हुए कहा कि यहां जैन, सिख, मुस्लिम, ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोग कार्यक्रम आयोजित कर सकेंगे। उन्होंने जैन तीर्थंकर महावीर और बर्धमान जिले के ऐतिहासिक संबंध का भी उल्लेख किया, बताते हुए कि महावीर का बाल्यकाल बर्धमान में बीता। पुरुलिया से परसनाथ मंदिर तक जैन धर्म का गहरा प्रभाव है।
समारोह में धर्मेंद्र जैन के साथ सुमित कोठारी, चंद्रेश मेघानी, दिनेश जैन गंगवाल, प्रदीप पटवा, बुधमल लुनिया और विनोद दुग्गर जैसे जैन प्रतिनिधि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सर्वधर्म समभाव और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश भी दिया।
यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व का था, बल्कि राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास के क्षेत्र में नए प्रयासों की दिशा भी दर्शाता है।