

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
नदिया : पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के शांतिपुर नगरपालिका क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया, जब अंधेरी रात और भोर के उजाले के बीच आसमान से एक अज्ञात यंत्र गिरते देखा गया। इस रहस्यमयी मशीन के साथ एक पैराशूट जैसी चीज और टिमटिमाती लाइटों को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। लेकिन इस पूरे रहस्य का पर्दाफाश किसी बड़े वैज्ञानिक ने नहीं, बल्कि इलाके के बच्चों ने अपने स्मार्टफोन के जरिए किया।
घटना शांतिपुर नगरपालिका के 23 नंबर वार्ड स्थित मानिक नगर पाड़ा इलाके की है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, शनिवार सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले, तो उन्होंने सड़क पर एक अजीबोगरीब यंत्र पड़ा देखा। इस यंत्र में छोटी-छोटी लाइटें जल रही थीं और इसके बगल में कपड़े जैसा एक पैराशूटनुमा हिस्सा लगा हुआ था। आसमान से अचानक गिरी इस चीज को देखकर लोग डर गए। कई लोगों को लगा कि यह कोई जासूसी उपकरण या खतरनाक धमाका करने वाली मशीन हो सकती है। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत शांतिपुर थाने की पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया और अज्ञात उपकरण को अपने कब्जे में लिया। प्रशासन और निवासियों ने इसकी पहचान के लिए 'विज्ञान मंच' के सदस्यों से भी संपर्क किया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इससे कोई खतरा तो नहीं है।
अक्सर मोबाइल और इंटरनेट को बच्चों के लिए हानिकारक माना जाता है, लेकिन इस घटना में तकनीक ने जासूस की भूमिका निभाई। जब बड़े-बुजुर्ग डरे हुए थे और पुलिस जांच में जुटी थी, तभी मोहल्ले के कुछ बच्चों ने अपने मोबाइल निकाले। उन्होंने 'गूगल लेंस' और इंटरनेट सर्च का सहारा लेकर उस यंत्र की फोटो स्कैन की।
कुछ ही मिनटों में बच्चों ने खुलासा कर दिया कि यह कोई जासूसी यंत्र नहीं, बल्कि 'रेडियोसोंडे' (Radiosonde) नामक मौसम मापने वाला यंत्र है। बच्चों ने बताया कि मौसम विभाग अक्सर वायुमंडल के तापमान, दबाव और नमी की जांच के लिए ऐसे गुब्बारे और पैराशूट वाले यंत्र छोड़ता है। काम पूरा होने के बाद या गैस खत्म होने पर ये जमीन पर गिर जाते हैं और इनसे कोई खतरा नहीं होता।
बच्चों के इस वैज्ञानिक दृष्टिकोण और त्वरित समाधान ने न केवल पुलिस की सिरदर्दी कम की, बल्कि पूरे इलाके को राहत की सांस लेने का मौका दिया। प्रशासन ने भी बच्चों की इस समझदारी की सराहना की है।