3 साल की मासूम की हत्या कर मां ने लगाया फंदा, फटे दुपट्टे ने बचाई महिला की जान

A mother killed her 3-year-old daughter and then attempted suicide by hanging herself, but a torn dupatta (scarf) saved the woman's life.
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

नदिया: नए साल की शुरुआत में ही नदिया जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। रानाघाट के कूपर्स कैंप नोटिफाइड नगर पालिका क्षेत्र में एक मां ने ममता का गला घोंटते हुए अपनी ही 3 साल की मासूम बेटी की हत्या कर दी और उसके बाद स्वयं भी मौत को गले लगाने की कोशिश की। इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा और दहशत का माहौल है।

खिड़की से झांका तो उड़ गए होश

घटना कूपर्स कैंप के वार्ड नंबर 6 की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार सुबह जब काफी देर तक महिला के घर में कोई हलचल नहीं हुई और मुख्य द्वार अंदर से बंद रहा, तो पड़ोसियों को कुछ अनहोनी की आशंका हुई। पड़ोसियों ने जब घर की खिड़की से अंदर झांकने की कोशिश की, तो वहां का नजारा देख उनकी चीख निकल गई। कमरे के अंदर मां और उसकी नन्ही बेटी फर्श पर अचेत पड़े थे और छत के पंखे से फटा हुआ दुपट्टा झूल रहा था।

दुपट्टा फटा और बच गई मां की जान

स्थानीय निवासियों ने बिना देरी किए घर का दरवाजा तोड़ा और दोनों को तुरंत रानाघाट अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद 3 वर्षीय बच्ची को मृत घोषित कर दिया। वहीं, महिला की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है और वह अस्पताल में मौत से जंग लड़ रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, महिला ने पहले अपनी बेटी का गला घोंटकर उसे मौत की नींद सुलाया और फिर उसी दुपट्टे से फंदा बनाकर पंखे से लटक गई। हालांकि, आत्महत्या के प्रयास के दौरान दुपट्टा बीच से फट गया, जिससे महिला फर्श पर गिर गई और उसकी जान बच गई।

अकेलेपन और अवसाद का संदेह

पुलिस सूत्रों ने बताया कि महिला का पति काम के सिलसिले में दिल्ली में रहता है। वह घर पर अपनी छोटी सी बच्ची के साथ अकेली रहती थी। प्राथमिक दृष्टि में मामला गहरे मानसिक तनाव या अवसाद (Depression) का लग रहा है। पड़ोसियों का कहना है कि महिला अक्सर गुमसुम रहती थी, लेकिन वह इतना खौफनाक कदम उठाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था।

पुलिस की कार्रवाई

रानाघाट थाना पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई पारिवारिक विवाद था या फिर आर्थिक तंगी ने महिला को इस कदर तोड़ दिया था। पुलिस मृत बच्ची के पिता और अन्य रिश्तेदारों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। फोरेंसिक टीम की मदद से भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

यह घटना समाज के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि आखिर किन परिस्थितियों में एक मां अपनी ही संतान की जान लेने पर उतारू हो गई। फिलहाल, पूरा कूपर्स कैंप इस दुखद घटना के शोक में डूबा है।

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