

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
हालीशहर: हालीशहरवासियों को स्वास्थ्य की दिशा में और बेहतर सेवाएं मिलने जा रही हैं। हालीशहर नगरपालिका के अधीन संचालित अस्पताल का अब व्यापक विस्तार होने जा रहा है। पिछले वर्ष शुरू हुए इस अस्पताल की क्षमता और सुविधाओं में भारी बढ़ोतरी की गई है, जिसका औपचारिक उद्घाटन आगामी रविवार को होने वाला है। पीपीपी (PPP) मॉडल पर आधारित इस अस्पताल में बेड की संख्या 12 से बढ़ाकर अब सीधे 50 कर दी गई है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा अस्पताल
नगरपालिका के चेयरमैन शुभंकर घोष के अनुसार, विस्तार के इस चरण में अस्पताल न केवल बड़ा होगा, बल्कि यहां अब जटिल रोगों के इलाज की सुविधा भी उपलब्ध होगी। रविवार से इस अस्पताल में आधुनिक डायलिसिस यूनिट, उन्नत ऑपरेशन थिएटर (OT) और आईसीसीयू (ICCU) की सेवाएं विधिवत रूप से चालू हो जाएंगी। इससे क्षेत्र के उन मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी जिन्हें गंभीर स्थिति में दूर-दराज के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते थे।
विधायक की पहल और कम लागत में इलाज
हालीशहर नगरपालिका के चेयरमैन शुभंकर घोष ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि बीजपुर के विधायक सुबोध अधिकारी के विशेष प्रयासों से पिछले वर्ष इस निजी-सार्वजनिक भागीदारी (Private-Public Partnership) वाले अस्पताल की नींव रखी गई थी। उन्होंने कहा, "अब तक हालीशहर के लोगों को डायलिसिस जैसी बुनियादी सुविधा के लिए बैरकपुर या कल्याणी जाना पड़ता था। यात्रा और इलाज का खर्च आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर भारी पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर बेहद कम खर्च में विश्वस्तरीय चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।"
कांचरापाड़ा में भी स्वास्थ्य सुधार की सुगबुगाहट
हालीशहर की इस सफलता के साथ-साथ पड़ोसी क्षेत्र कांचरापाड़ा में भी बंद पड़े 'शिवानी अस्पताल' को दोबारा शुरू करने की कवायद तेज हो गई है। कांचरापाड़ा नगरपालिका के चेयरमैन कमल अधिकारी ने बताया कि निजी सहयोग से इस अस्पताल को फिर से जीवित करने के प्रयास जारी हैं। बहरहाल, हालीशहर के इस अस्पताल के कायाकल्प से औद्योगिक क्षेत्र के हजारों परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिलने का मार्ग प्रशस्त हो गया है।