एक शादीशुदा दंपति को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत

एक 15 वर्षीय नाबालिगा को घरेलू काम के लिए रखने का आरोप
एक शादीशुदा दंपति को नहीं मिली हाईकोर्ट से राहत
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जितेंद्र, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एक शादीशुदा दंपति को हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस उदय कुमार ने उनके खिलाफ लगे आरोप को खारिज करने से इनकार दिया है। उनके खिलाफ आरोप था कि उन्होंने एक 15 वर्ष की नाबालीगा को घरेलू कार्य के लिए रखा हुआ था। जस्टिस उदय कुमार ने कहा है इस लड़की के बयान में काफी अंतरविरोध है। शादीशुदा दंपति के खिलाफ धारा 482 के तहत मामला बनता है। जस्टिस उदय कुमार ने अभियुक्तों के उसे बयान को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्होंने उसे लड़की को खाने-पीने और रहने का स्थान दिया था। उन्होंने कहा है कि उसे लड़की का परिवार काफी दिक्कतों से जूझ रहा था। केस डायरी में भी घर जाए कि वह लड़की पैसे के एवज में काम करती थी। इस दंपति के खिलाफ टेक्नो पुलिस स्टेशन में मामला दायर किया गया है। चाइल्ड लाइन की एक टीम ने इस बच्ची को बरामद किया था। इसके बाद एफ आई आर दर्ज कराई गई थी। कोर्ट में मामल दायर किया गया था। दंपति की तरफ से हाई कोर्ट में बताया गया कि उस नाबालिगा को भोजन पानी के साथ महीने में ₹1500 तनख्वाह दी जाती थी। हाई कोर्ट ने दंपति की पिटीशन को खारिज कर दिया। इसके साथ ही कहा है कि ट्रायल कोर्ट में इस मामले की सुनवाई चलती रहेगी।

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