

रामबालक, सन्मार्ग संवाददाता
महेशतल्ला : मंगलवार सुबह संतोषपुर स्टेशन परिसर उस समय अफरा-तफरी का केंद्र बन गया जब प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास स्थित झुग्गियों और दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि रेडीमेड कपड़ों की करीब 20 से 25 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना सुबह करीब 7 बजे की है। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में एक के बाद एक सभी दुकानें चपेट में आ गईं। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक भारी नुकसान हो चुका था। आग लगने के कारण इलाके में घना काला धुआं फैल गया, जिससे आसपास के लोगों और यात्रियों में दहशत का माहौल पैदा हो गया। इस आग की वजह से सियालदह दक्षिण शाखा की रेल सेवाएं प्रभावित रहीं। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बजबज से सियालदह जा रही लोकल ट्रेन को आकड़ा स्टेशन पर ही रोक दिया गया। बाद में बजबज से सियालदह के बीच सेवा अस्थायी रूप से बंद कर दी गई और माझेरहाट होते हुए सेवाएं बहाल की गईं। घटना के समय कुछ दुकानदारों ने अपने सामान को बचाने की कोशिश की, लेकिन अधिकतर दुकानों में रखा सामान जलकर राख हो गया। इस अग्निकांड में स्थानीय दुकानदारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। रेलवे पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। राहत की बात यह रही कि इस भयावह अग्निकांड में कोई हताहत नहीं हुआ। दुकानदारों को चिंता बढ़ गई है। इलाके में फिलहाल सन्नाटा और चिंता का माहौल है। प्रशासन की ओर से प्रभावित दुकानदारों को सहायता उपलब्ध कराने की संभावना जताई जा रही है।