

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बारासात: ममता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना उत्तर 24 परगना जिले के बारासात से सामने आई है। यहाँ अभाव और गरीबी की दुहाई देकर एक दंपति ने अपनी ही 10 महीने की मासूम दुधमुंही बच्ची का सौदा कर दिया। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने के बाद शासन थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी माता-पिता और इस सौदेबाजी में मध्यस्थता करने वाली एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को संदेह है कि इस घटना के तार किसी बड़े अंतरराज्यीय बच्चा चोरी और तस्करी गिरोह से जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम रॉबिन पासवान उर्फ बुड़ो (23) और उसकी पत्नी टोटोम सरकार (23) हैं। ये बारासात ब्लॉक नंबर 2 के दादपुर पंचायत के बहिरा कालीबाड़ी इलाके के रहने वाले हैं। रॉबिन पेशे से दिहाड़ी मजदूर है और परिवार में पहले से ही उनका एक पांच साल का बेटा है। गरीबी के चलते जब दूसरी संतान के रूप में बेटी हुई, तो उन्होंने उसे बोझ समझ लिया। आरोप है कि लगभग चार महीने पहले, दत्तपुकुर थाना क्षेत्र के बामनगाछी की निवासी सोनाली साहा उर्फ जस्मीना बीबी (33) की मदद से दंपति ने अपनी 10 महीने की बच्ची को बेच दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि बच्ची के बदले दंपति को 50 हजार रुपये मिले थे, हालांकि पुलिस का मानना है कि वास्तविक रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।
इस अमानवीय कृत्य का खुलासा तब हुआ जब बारासात ब्लॉक नंबर 2 के चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर (CDPO) राज शंकर पांडे को गुप्त सूत्रों से इस सौदेबाजी की भनक लगी। उन्होंने बिना देरी किए मामले की गंभीरता को समझा और सासन थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और मंगलवार को दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
चाइल्ड डेवलपमेंट प्रोजेक्ट ऑफिसर राज शंकर पांडे ने बताया, "हमें स्थानीय स्तर पर सूचना मिली थी कि एक परिवार ने अपनी बच्ची को गायब कर दिया है और उसके बदले पैसे लिए हैं। जांच में पता चला कि यह केवल एक परिवार की मजबूरी नहीं बल्कि एक संगठित अपराध का हिस्सा हो सकता है।" पुलिस अब इस गिरोह के मुख्य सरगना की तलाश कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बच्ची को किसे बेचा गया और वह अभी कहाँ और किस हालत में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सोनाली उर्फ जस्मीना से कड़ी पूछताछ कर रहे हैं, क्योंकि वही इस तस्करी की मुख्य कड़ी मानी जा रही है। इलाके में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश और दुख देखा जा रहा है।