

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : पर्यटकों और द्वीपवासियों से मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया को ध्यान में रखते हुए शिपिंग सेवाएं निदेशालय ने मार्च 2026 के लिए बैरन द्वीप के लिए विशेष राउंड क्रूज सेवाएं निर्धारित की हैं। यह क्रूज दक्षिण एशिया के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी के दर्शन करने के साथ-साथ अंडमान सागर की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता का अनुभव प्रदान करेगा।
आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार इस क्रूज यात्रा को पोत एमवी नालंदा द्वारा 13 मार्च 2026 को रात 9 बजे और पुनः 27 मार्च 2026 को रात 9 बजे श्री विजयपुरम से रवाना किया जाएगा। यात्रियों के लिए टिकट निदेशालय की ई-टिकटिंग पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध होंगे। यह पोर्टल 24 जनवरी 2026 को सुबह 9 बजे से 24 घंटे खुला रहेगा, और इच्छुक यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं।
यह राउंड क्रूज सेवा पहली बार अक्टूबर 2025 में शुरू की गई थी, जब एमवी सिंधु और नालंदा जैसे पोतों ने 24 अक्टूबर 2025 को बैरन द्वीप तक राउंड-वॉयेज क्रूज सफलतापूर्वक संचालित किए थे। उस दौरान, स्थानीय पर्यटन को नई गति मिली और क्षेत्रीय व्यवसायों तथा सेवा प्रदाताओं के लिए आय सृजन के अवसर बढ़े। यात्रियों को समुद्र के बीच से सक्रिय ज्वालामुखी और अंडमान सागर की प्राकृतिक सुंदरता का नजदीकी अनुभव प्राप्त हुआ, जिससे यात्रा अनुभव और भी यादगार बन गया।
निदेशालय ने बताया कि इस क्रूज का उद्देश्य न केवल पर्यटन को बढ़ावा देना है, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित और आनंददायक अनुभव भी प्रदान करना है। यात्रियों को यह यात्रा समुद्र की लहरों, द्वीप की हरियाली और ज्वालामुखी के अद्वितीय दृश्य का अविस्मरणीय अनुभव देगी। इस दौरान यात्रियों को प्राकृतिक स्थलों की जानकारी और क्षेत्रीय सांस्कृतिक विशेषताओं के बारे में भी मार्गदर्शन प्राप्त होगा। शिपिंग सेवाओं के अधिकारी बताते हैं कि मार्च 2026 के दौरान आयोजित यह क्रूज सेवा स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगी। पर्यटन में वृद्धि से होटल, रेस्तरां, परिवहन और अन्य सेवा क्षेत्र सक्रिय होंगे, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे। इस प्रकार, मार्च 2026 में बैरन द्वीप के लिए निर्धारित यह क्रूज न केवल यात्रा प्रेमियों के लिए आकर्षक है, बल्कि यह क्षेत्रीय पर्यटन और स्थानीय व्यवसायों के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।