विधानसभा में फाड़ी गई बिल की कॉपी और स्पीकर पर फेंके गए टुकड़े, जाने क्या है पूरा मामला

बीजेपी ने किया जोरदार विरोध
विधानसभा में फाड़ी गई बिल की कॉपी और स्पीकर पर फेंके गए टुकड़े, जाने क्या है पूरा मामला
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कोलकाता - कर्नाटक विधानसभा में शुक्रवार 21मार्च को वह विवादित बिल पास हो गया, जिसमें मुस्लिम समुदाय को सरकारी ठेकों में 4 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की सरकार ने इस बिल में मुस्लिम समुदाय के लिए आरक्षण की व्यवस्था की है। इस फैसले का विपक्षी बीजेपी ने जमकर विरोध किया, इसे असंवैधानिक बताते हुए कानूनी चुनौती देने की बात कही। इस दौरान विधानसभा में भारी हंगामा भी देखने को मिला।

भाजपा नेताओं ने किया बिल का विरोध

दरअसल, बिल पास होते वक्त विधानसभा में हंगामा हो गया। बीजेपी के नेताओं ने सदन में जोरदार नारेबाजी की और विरोध जताने के लिए स्पीकर की सीट पर चढ़ गए। उन्होंने बिल की कॉपी फाड़कर उसे स्पीकर की ओर उछाल दिया, जिससे सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस दौरान बीजेपी के सदस्य सीडी भी लहराते हुए नजर आए, और उनकी मांग थी कि हनी ट्रैप घोटाले पर चर्चा की जाए।

क्या कहना है भापजा का ?

बीजेपी विधायक भरत शेट्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री को हनी ट्रैप घोटाले पर चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने मुस्लिम आरक्षण बिल पेश कर दिया, जिसके बाद बीजेपी नेताओं ने विरोध किया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायकों ने सदन में कागज फाड़े और किताबें फेंकी, लेकिन उन्होंने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

कांग्रेस का क्या कहना है ?

कांग्रेस सरकार ने इस बिल का बचाव करते हुए कहा कि यह अल्पसंख्यकों को सामाजिक न्याय और आर्थिक अवसर देने के लिए लाया गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि यह कदम समावेशी विकास और सकारात्मक भेदभाव की नीति के तहत उठाया गया है।

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