

निधि, सन्मार्ग संवाददाता
सोदपुर: उत्तर 24 परगना जिले के अंतर्गत आने वाले व्यस्ततम सोदपुर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब प्लेटफॉर्म नंबर एक पर एक लावारिस बैग से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ (ड्रग्स) बरामद किए गए। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में यात्रियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता और सनसनी फैल गई है। फिलहाल दमदम जीआरपी ने नशीले पदार्थों के साथ बैग को जब्त कर लिया है और मामले की गहराई से पड़ताल शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को सोदपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक के किनारे एक बड़ा बैग काफी देर से लावारिस हालत में पड़ा हुआ था। स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों ने गौर किया कि लंबे समय से उस बैग के पास कोई नहीं आया है। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब किसी ने उस पर अपना दावा नहीं किया, तो यात्रियों को किसी अनहोनी या संदिग्ध वस्तु होने का संदेह हुआ। यात्रियों ने तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय निवासियों और स्टेशन के पास मौजूद लोगों को दी।
स्थानीय लोगों की सक्रियता के कारण तुरंत सोदपुर स्टेशन मास्टर को इस मामले की सूचना दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्टेशन मास्टर ने बिना देरी किए दमदम जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) के अधिकारियों को सूचित किया। खबर मिलते ही जीआरपी के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे। उन्होंने सुरक्षा घेरा बनाकर संदिग्ध बैग की जांच की। जब बैग को खोला गया, तो पुलिसकर्मी भी दंग रह गए। बैग के भीतर कोई विस्फोटक नहीं, बल्कि भारी मात्रा में प्रतिबंधित नशीली दवाएं और मादक पदार्थ भरे हुए थे।
जीआरपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए पूरे बैग और उसमें मौजूद मादक पदार्थों को अपने कब्जे में ले लिया। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस का अनुमान है कि यह तस्करी की एक बड़ी खेप हो सकती है जिसे किसी खास गंतव्य तक पहुँचाया जाना था। आशंका जताई जा रही है कि पुलिस की मुस्तैदी या किसी डर के कारण तस्कर बैग को वहीं छोड़कर फरार हो गया होगा।
दमदम जीआरपी के अधिकारियों का कहना है कि नशीले पदार्थों की मात्रा काफी अधिक है और इसकी बाजार में कीमत लाखों में हो सकती है। पुलिस अब स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि बैग किसने और किस समय वहां रखा था। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इस मादक पदार्थ तस्करी के पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है। इस बरामदगी ने रेलवे सुरक्षा और तस्करी रोकने की चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।