

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : ‘सम्पर्क से समाधान – प्रशासन गांव की ओर’ जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत 2 जनवरी 2026 को ग्राम पंचायत हॉल, राधानगर में एक कैंप कोर्ट का आयोजन किया गया। इस कैंप कोर्ट की अध्यक्षता उत्तर एवं मध्य अंडमान के उपायुक्त श्री सुशांत पाधा, आईएएस ने की। इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशासन को सीधे गांवों तक पहुंचाना, जनता की समस्याओं को सुनना और उनका त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। कैंप कोर्ट में सिविल प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, कृषि, मत्स्य, वन, आपूर्ति तथा ग्रामीण विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा राधानगर पंचायत के पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों से विभिन्न प्रकार की शिकायतें और सुझाव प्राप्त हुए, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया। जिन मुद्दों के समाधान के लिए विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय की आवश्यकता थी, उन्हें चिन्हित कर संबंधित विभागों के माध्यम से आगे की कार्यवाही के लिए भेजा गया। संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लोक निर्माण विभाग ने एक माह के भीतर सड़क मरम्मत कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया, जबकि नागरिक आपूर्ति विभाग ने समय पर एलपीजी सिलेंडर वितरण सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई। स्वास्थ्य विभाग को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की तैनाती और नियमित दवा आपूर्ति सहित कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। मोबाइल नेटवर्क सुधार के लिए राजस्व विभाग और बीएसएनएल अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। कैंप कोर्ट के उपरांत उपायुक्त तथा उनके साथ उपस्थित अधिकारियों ने 2 और 3 जनवरी 2026 को पीएचसी राधानगर, राजा प्लॉट, श्यामनगर और स्वराजग्राम गांवों में क्षेत्रीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जल संकट, नालों की अवरोध, मानसून एवं उच्च ज्वार के समय जलभराव, सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण और आधारभूत संरचना से जुड़ी कमियों का स्थल पर ही आकलन किया गया। इस दौरान रिंग वेल निर्माण, नालों की सफाई, तकनीकी प्राक्कलन प्रस्तुत करने और विभागीय समन्वय के साथ कार्यवाही के निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने उत्तरदायी, पारदर्शी और जन-केंद्रित शासन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस प्रकार के जनसंपर्क कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, ताकि सार्वजनिक सेवाओं की प्रभावी आपूर्ति और शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके।