फर्जी 'इनकम टैक्स ऑफिसर' बनकर स्कूल पहुंचा 16 साल का छात्र !

नीली बत्ती वाली गाड़ी और बाउंसरों को देख उड़े सबके होश
A 16-year-old student arrived at the school posing as a fake 'Income Tax Officer'!
सांकेतिक फोटो
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

बारासात : घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लग रही है, लेकिन यह हकीकत है। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के अशोकनगर में सरस्वती पूजा के दिन एक 16 वर्षीय किशोर ने जो कारनामा किया, उसने पुलिस से लेकर स्कूल प्रशासन तक सबको हैरान कर दिया। अशोकनगर विद्यासागर वाणीभवन हाई स्कूल में सरस्वती पूजा का उत्सव चल रहा था। छात्र, शिक्षक और अतिथि पंडाल में व्यस्त थे। इसी बीच दोपहर करीब 12 बजे स्कूल के गेट पर एक के बाद एक तीन गाड़ियां आकर रुकीं। इनमें से एक गाड़ी पर नीली बत्ती लगी थी। गाड़ी रुकते ही उसमें से सूट-बूट पहने एक किशोर उतरा, जिसके साथ 8 से 10 बाउंसर और सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। उसने स्कूल के प्रधानाध्यापक मनोज घोष के पास जाकर उन्हें प्रणाम किया और अपना परिचय एक आयकर (Income Tax) अधिकारी के रूप में दिया। प्रधानाध्यापक पहले तो उसे पहचान नहीं पाए, लेकिन जब किशोर ने कहा, "सर, मैं अब इनकम टैक्स ऑफिसर बन गया हूं और स्कूल की पूजा देखने आया हूं," तो शिक्षक दंग रह गए।

पकड़ी गई चोरी

अशोकनगर विद्यासागर वाणीभवन में कुछ समय बिताने के बाद, वह किशोर अपने काफिले के साथ पास के ही एक दूसरे स्कूल 'विधानचंद्र विद्यापीठ' पहुँचा। वहां भी उसने वही रौब दिखाया। हालांकि, वहां के प्रधानाध्यापक को उसकी उम्र और हाव-भाव देखकर संदेह हो गया। उन्होंने तुरंत अशोकनगर थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी।

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब पूछताछ शुरू की, तो सारा सच सामने आ गया। वह कोई अधिकारी नहीं, बल्कि उसी स्कूल का पूर्व छात्र था जिसे इसी साल माध्यमिक (10वीं) की परीक्षा देनी थी।

क्यों किया ऐसा?

पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार:

  • दिखावा: वह अपने दोस्तों और परिचितों के बीच 'हीरो' बनना चाहता था।

  • पढ़ाई छोड़ी: वह पढ़ाई में औसत था और 10वीं की शुरुआत में ही स्कूल छोड़ चुका था।

  • मानसिक स्थिति: पुलिस का अनुमान है कि वह किसी मानसिक समस्या या 'फेम' पाने के जुनून से ग्रस्त हो सकता है।

पुलिस की कार्रवाई

बारासात के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दुर्बार बंद्योपाध्याय ने बताया कि चूंकि आरोपी नाबालिग है, इसलिए उसे हिरासत में लेकर उसके माता-पिता को बुलाया गया। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि उसके पास नीली बत्ती वाली गाड़ी और बाउंसर कहां से आए। फिलहाल उसे चेतावनी देकर माता-पिता के साथ घर भेज दिया गया है, लेकिन मामले की जांच जारी है।

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