उम्र को मात देकर 'जल योग' का संदेश

हावड़ा के गोपाल ने युवाओं को दिया तैरने का मंत्र
International Yoga Day 2026: 71-Year-Old Gopal Adak Performs Stunning 'Water Yoga' in Howrah
तालाब में 'जल योग' करते गोपाल
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा: देशभर में जहाँ एक ओर लोग जमीन पर बैठकर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मना रहे हैं, वहीं कोलकाता के पास हावड़ा के गंगाधरपुर गाँव में एक अनोखा नजारा देखने को मिला। यहाँ देउलपुर के रहने वाले 71 वर्षीय गोपाल आदक ने गंगाधरपुर गोलाबाड़ी भारत सेवाश्रम संघ के तालाब के गहरे पानी में बेहद सहजता से तैरते हुए 'जल योग' (वाटर योग) का प्रदर्शन किया। उन्होंने पानी में तैरते हुए विभिन्न कठिन आसन और मुद्राएं दिखाकर सबको हैरान कर दिया।

55 वर्षों से जारी है सफर

गोपाल बाबू ने बताया कि जब वे 16-17 साल के थे, तब तालाब में नहाने और तैरने के दौरान उन्होंने धीरे-धीरे इस कला को सीखा था। पिछले करीब 55 वर्षों से वे विभिन्न तालाबों, नदियों और हुगली नदी के बाबूघाट तक में जल योग का प्रदर्शन कर चुके हैं। 71 वर्ष की उम्र में भी उनकी इस फुर्ती का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को तैराकी सिखाना और लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है। उनका मानना है कि तैराकी के जरिए शरीर के सभी अंग सक्रिय रहते हैं और मानसिक तनाव दूर होता है।

गांवों के तालाबों को बचाने की मुहीम

गोपाल बाबू का यह प्रयास सिर्फ स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि वे इसके जरिए विलुप्त हो रहे तालाबों को बचाने का संदेश भी दे रहे हैं। उन्होंने चिंता जताई कि शहरों से लेकर गाँवों तक तालाब कूड़े के ढेर में तब्दील हो रहे हैं। नई पीढ़ी का जुड़ाव तालाबों से फिर से बढ़ाने, गाँव के जलाशयों को खेलकूद व प्रतियोगिताओं के जरिए पुनर्जीवित करने के लिए वे गाँव-गाँव घूमकर घंटों पानी में योग का प्रदर्शन करते हैं।

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