बंगाल में 4,133 जीरो-एनरोलमेंट वाले स्कूल, होगी जांच

दिसंबर 2027 तक जमा करनी होगी रिपोर्ट
बंगाल में 4,133 जीरो-एनरोलमेंट वाले स्कूल, होगी जांच
Published on: 

एकल-शिक्षक वाले स्कूलों पर गहराया संकट

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार ने हाल ही में जारी UDISE+ डेटा के बाद कड़े कदम उठाने का फैसला किया है। इसके तहत देश भर के 5,663 जीरो-एनरोलमेंट वाले स्कूलों में से अकेले बंगाल के 4,133 स्कूलों का फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। स्कूल एजुकेशन मिनिस्टर दीपक बर्मन ने बताया कि डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट की अगुवाई में कमेटियां इन स्कूलों की जमीन, बिल्डिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की लिस्ट तैयार करेंगी। रिपोर्ट दिसंबर 2027 तक जमा करनी होगी ताकि यह तय हो सके कि इन परिसरों को ट्रेनिंग सेंटर, हेल्थ सेंटर या अन्य पब्लिक-सर्विस सुविधाओं के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं, साथ ही जहां संभव हो स्कूल फिर से शुरू करने के विकल्प भी खुले रखे जाएंगे।

डेटा में गड़बड़ियां और कमेटियों का गठन

मंत्री ने स्पष्ट किया कि UDISE+ के आंकड़ों में कुछ प्राइवेट स्कूलों द्वारा डेटा ठीक से अपलोड न किए जाने की गड़बड़ियां सामने आई हैं। कई संस्थानों ने शिक्षकों की जानकारी तो अपडेट की लेकिन छात्रों का डेटा दर्ज नहीं किया, जिससे उनमें जीरो स्टूडेंट्स और शिक्षक दिखाई दे रहे हैं, हालांकि सरकारी और सरकारी मदद पाने वाले संस्थान इस श्रेणी में नहीं हैं। इन स्कूलों के खिलाफ कुल 19,502 टीचर लिस्टेड हैं। सरकार इस पूरी प्रक्रिया को स्कूल बंद करने का पक्का फैसला नहीं मान रही है, बल्कि इसके जरिए राज्य में शिक्षकों की तैनाती के असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।

एकल-शिक्षक स्कूलों का भारी संकट

नवीनतम UDISE आंकड़ों से एक और गंभीर चिंताजनक बात सामने आई है कि बंगाल के 6,769 स्कूलों में केवल एक ही टीचर है, जो कुल 2,29,569 स्टूडेंट्स को पढ़ाने की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। शिक्षा विभाग इन तमाम पहलुओं की गहराई से समीक्षा कर रहा है ताकि राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाया जा सके और संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in