नाका चेकिंग में 40 किलो गांजा बरामद

गिरफ्तार आरोपियों में सिविक वॉलेंटियर शामिल
40 kg of marijuana recovered during checkpoint checking
गांजा के साथ 4 अभियुक्तों को पुलिस ने पकड़ा
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निधि, सन्मार्ग संवाददाता

दक्षिणेश्वर : दिल्ली में हाल ही में हुए बम विस्फोट की घटना के मद्देनजर, पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए नाका चेकिंग (गहन जांच) अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत, दक्षिणेश्वर थाना क्षेत्र में पुलिस ने सुबह से ही विभिन्न इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान शुरू कर रखा था।

इस गहन चेकिंग के दौरान, दक्षिणेश्वर मेट्रो स्टेशन के ठीक बाहर पुलिसकर्मियों की नज़र चार संदिग्ध युवकों पर पड़ी। संदेह के आधार पर पुलिस ने तुरंत उन्हें रोका और उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पुलिस को उनके पास से भारी मात्रा में 40 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। गांजा की यह बड़ी खेप एक महत्वपूर्ण सफलता है।

सिविक वॉलेंटियर की पहचान

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए चारों युवक यह गांजा उत्तर बंगाल से लेकर आए थे। उनका प्राथमिक उद्देश्य इस नशीले पदार्थ को उत्तर 24 परगना जिले के अलग-अलग हिस्सों में अवैध रूप से तस्करी (पाचार) करना था।

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में से एक की पहचान दीपेश राय के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर जलपाईगुड़ी जिले के धूपगुड़ी थाने में सिविक वॉलेंटियर के तौर पर कार्यरत था। कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता करने वाले पद पर नियुक्त व्यक्ति का खुद ही नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल होना, इस अपराध की गंभीरता को कई गुना बढ़ा देता है और पुलिस बल की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करता है।

40 kg of marijuana recovered during checkpoint checking
युवकों के बैग से गांजा बरामद करती दक्षिणेश्वर थाने की पुलिस

पुलिस ने शुरू की आगे की कार्रवाई

गांजा बरामद होने के तत्काल बाद, दक्षिणेश्वर थाने की पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।

दक्षिणेश्वर पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य न केवल गांजा तस्करी के इस रैकेट के पीछे के बड़े नेटवर्क, फंडिंग स्रोतों और मास्टरमाइंडों का पता लगाना है, बल्कि यह भी जांच करना है कि एक सिविक वॉलेंटियर इस अपराध में कैसे शामिल हुआ और उसने अपने पद का दुरुपयोग किस हद तक किया। पुलिस इलाके के सीसीटीवी फुटेज और अभियुक्तों के कॉल रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है ताकि उनकी गतिविधियों और सहयोगियों के बारे में जानकारी मिल सके।

यह घटना दर्शाती है कि सुरक्षा जांच अभियान (नाका चेकिंग) न केवल आतंकवादी गतिविधियों को रोकने में, बल्कि संगठित अपराध और नशा तस्करी पर लगाम लगाने में भी कितना महत्वपूर्ण है।

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