जेयू में 'पीएम-उषा' फंड के लिए 24 सदस्यीय नई कमेटी गठित

पीएम उषा कमेटी के खिलाफ वीसी को डीन की शिकायत
जेयू में 'पीएम-उषा' फंड के लिए 24 सदस्यीय नई कमेटी गठित
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मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : केंद्र सरकार द्वारा ''रूसा'' योजना का नाम बदलकर ''पीएम उषा'' करने के बाद जादवपुर यूनिवर्सिटी में 24 सदस्यों की नई कमेटी का गठन किया गया है, जिसके कन्वेनर अस्थायी रजिस्ट्रार देबजीत दत्ता हैं। यह कमेटी वित्तीय अनुदान के खर्च की रूपरेखा तैयार करेगी। अतीत में तृणमूल सरकार ने प्रोजेक्ट्स के नाम में ''पीएम'' जोड़ने पर ऐतराज जताया था क्योंकि शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है और इसमें दोनों सरकारें फंड साझा करती हैं। पूर्व में विवाद के कारण यूनिवर्सिटी को अनुदान नहीं मिला था, लेकिन अब राज्य के राजी होने और MoU पर हस्ताक्षर होने से वित्तीय अनुदान का रास्ता साफ हो गया है।

कमेटी बनाने में नियमों के उल्लंघन का आरोप

कमेटी के गठन के बाद यूनिवर्सिटी में घमासान शुरू हो गया है। डीन, वर्किंग कमेटी सदस्यों और विभागाध्यक्षों ने वीसी चिरंजीव भट्टाचार्य को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि कमेटी बनाने में नियमों का उल्लंघन हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। वर्किंग कमेटी की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठ रहे हैं क्योंकि उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इसमें पहले ही सदस्य नामित किए जा चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि पिछले साल ''रूसा 2.0'' में नियमों का पालन हुआ था, लेकिन इस बार नहीं हुआ। इसके अलावा, राज्य द्वारा मंजूर 250 करोड़ रुपये के लिए बनी ''इंस्टीट्यूट ऑफ एमिनेंस कमेटी'' पर भी एक धड़ा आपत्ति जता रहा है।

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