

नियमों के उल्लंघन के आरोप में तीन बार के खिलाफ मामला दर्ज, आबकारी विभाग ने शुरू की कार्रवाई
तिरुवनंतपुरम : केरल में 23 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने वाले बार के खिलाफ राज्य सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। राज्य के आबकारी मंत्री एम. लीजू ने मंगलवार को विधानसभा में यह जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में तेज रफ्तार मिनी कूपर कार की टक्कर से तीन लोगों की मौत के मामले के बाद सरकार ने आबकारी नियमों के पालन को लेकर सख्ती बरतने के संकेत दिए हैं।
मंत्री एम लीजू ने एर्नाकुलम के विधायक टी. जे. विनोद द्वारा विधानसभा में उठाए गए सवाल का जवाब देते हुए बताया कि निर्धारित आयु सीमा से कम उम्र के युवाओं को शराब परोसने के आरोप में तीन बार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही आबकारी विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी थी। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस मामले में तत्काल कदम उठाने के निर्देश दिए गए थे।
आबकारी मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कम उम्र के लोगों को शराब परोसने के मामलों को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित उम्र संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाले बार के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकार इस मामले में किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं करेगी।
लीजू के मुताबिक, मौजूदा आबकारी कानून में निर्धारित आयु से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई करने के प्रावधान मौजूद हैं। हालांकि, नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार अतिरिक्त उपायों पर भी विचार कर रही है। इसका उद्देश्य बार संचालकों को नियमों का पालन करने के लिए बाध्य करना और कम उम्र के लोगों तक शराब की पहुंच को रोकना है।
मंत्री ने विधानसभा में बताया कि सरकार 23 वर्ष से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने से रोकने के लिए बार संचालकों के वास्ते अधिक सख्त दिशा-निर्देश लागू करने पर विचार कर रही है। प्रस्तावित कदमों का उद्देश्य आयु सीमा से जुड़े नियमों के पालन की निगरानी को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि राज्य में शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाने के कारण कई सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। ऐसे मामलों को देखते हुए शराब परोसने के नियमों का पालन सुनिश्चित करना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना महत्वपूर्ण है। हालांकि, नए दिशा-निर्देशों की रूपरेखा और उन्हें लागू करने की समय-सीमा के बारे में मंत्री ने विस्तृत जानकारी नहीं दी।
यह मामला रविवार तड़के कोच्चि के पास नेदुंबस्सेरी में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, 19 वर्षीय युवक द्वारा चलाई जा रही तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने एक स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में स्कूटर सवार तीन लोगों की मौत हो गई।
हादसे के बाद मामले की जांच शुरू की गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि कोच्चि निवासी कार चालक सुहेल कथित तौर पर शराब के नशे में था। दुर्घटना के तुरंत बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है।
इस दुर्घटना ने एक बार फिर शराब के सेवन के बाद वाहन चलाने से होने वाले गंभीर खतरों को सामने ला दिया है। शराब के प्रभाव में वाहन चलाने से चालक की निर्णय लेने की क्षमता, प्रतिक्रिया का समय और सड़क पर परिस्थितियों का आकलन करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे न केवल चालक, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
आबकारी मंत्री ने भी विधानसभा में इस मुद्दे का उल्लेख करते हुए कहा कि शराब और अन्य नशीले पदार्थों के सेवन के बाद वाहन चलाना कई दुर्घटनाओं की वजह बना है। सरकार का जोर अब शराब परोसने से जुड़े नियमों के सख्त पालन और उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई पर है।
केरल सरकार का कहना है कि कम उम्र के लोगों को शराब परोसने से रोकने के लिए मौजूदा कानूनी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। तीन बार के खिलाफ दर्ज मामलों के साथ आबकारी विभाग की कार्रवाई को इस दिशा में उठाए गए कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
मंत्री लीजू ने दोहराया कि निर्धारित आयु सीमा का उल्लंघन करने वाले बार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब निगाहें इस बात पर हैं कि सरकार प्रस्तावित नए दिशा-निर्देशों को किस रूप में लागू करती है और आबकारी विभाग नियमों के पालन की निगरानी को किस तरह मजबूत बनाता है।