

रांचीः झारखंड में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बृहस्पतिवार को करीब 15 माओवादी मारे गए जिनमें एक करोड़ का एक इनामी नक्सली शामिल भी है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा कमांडो यूनिट राज्य में नक्सल विरोधी अभियान चला रही है।
पश्चिम सिंहभूम जिले के किरीबुरु के सारंडा जंगलों में सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुई गोलीबारी अब भी जारी है। अधिकारियों के अनुसार इस अभियान में सीआरपीएफ के लगभग 1,500 जवान और झारखंड पुलिस के कर्मी शामिल हैं। अभियान में मारा गया नक्सलियों को टॉप लीडर पतिराम मांझी उर्फ अनल दा पर एक करोड़ का इनाम घोषित था। यह अभियान केंद्र सरकार द्वारा इस वर्ष मार्च तक देश से वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) को समाप्त करने की घोषणा का हिस्सा है।
पुलिस महानिरीक्षक (ऑपरेशन) माइकल राज एस ने बताया कि पुलिस को सारंडा जंगल में अनल दा और अन्य माओवादियों की मौजूदगी के बारे में सूचना मिलने के बाद अभियान शुरू किया गया। गिरिडीह जिले का पिरतांड निवासी अनल दा 1987 से सक्रिय था। पुलिस वर्षों से उसकी तलाश कर रही थी। सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को पश्चिम सिंहभूम जिले के मुख्यालय चाईबासा का दौरा किया था।
झारखंड में कोल्हान और सारंडा को माओवादियों का अंतिम गढ़ माना जाता है। अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़, चतरा, लातेहार, गुमला, लोहरदगा, रांची और पारसनाथ में उनकी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से सीमित कर दिया है।
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के पूर्व राज्य अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक करोड़ रुपये के इनामी नक्सली सहित माओवादियों की हत्या को "लाल आतंक" के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया। मरांडी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "इस अभियान में शामिल सभी कर्मियों ने अदम्य साहस, वीरता और कर्तव्यनिष्ठा का प्रदर्शन किया है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के नेतृत्व में, केंद्र सरकार मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ दृढ़ता से आगे बढ़ रही है।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बार-बार इस बात पर जोर दिया है कि केंद्र सरकार 31 मार्च, 2026 से पहले देश से नक्सलवाद के खतरे को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। झारखंड में 2001 से 2025 के बीच 11,000 से अधिक माओवादियों को गिरफ्तार किया गया है, लगभग 250 मारे गए हैं और 350 से अधिक ने सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। इस अवधि के दौरान, पुलिस ने हथियारों और गोला-बारूद का एक बड़ा जखीरा भी जब्त किया है।
गौरतलब है कि 2025 में अब तक 317 नक्सलियों को मार गिराया गया है और 862 को गिरफ्तार किया गया है। महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड आदि राज्यों में कुल 1,973 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण भी किया है। अकेले 2024 में 290 नक्सलियों को मार गिराया गया था, जबकि 1,090 को गिरफ्तार किया गया और 881 ने आत्मसमर्पण किया था।