

इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय एक छात्र ऐसा प्रभावित हुआ कि उसने पढ़ाई और घर छोड़कर Vrindavan जाने की ठानी। आठवीं कक्षा में पढ़ने वाला यह छात्र बुधवार सुबह स्कूल के लिए निकला था, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने उसे रेलवे स्टेशन से समय रहते सुरक्षित बरामद कर लिया।
पुलिस ने जब छात्र का बैग जांचा, तो किताबों की जगह उसमें Premanand Maharaj की तस्वीरें, तुलसी की माला और अन्य धार्मिक सामग्री मिली। पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह लंबे समय से मोबाइल पर प्रेमानंद महाराज के प्रवचन सुन रहा था और उनसे प्रभावित होकर वृंदावन जाकर संन्यास लेने की जिद पर अड़ा था।
थाना प्रभारी ने बताया कि छात्र पूरी तरह से आध्यात्मिक वीडियो और प्रवचनों के प्रभाव में था। “हमने उसकी काउंसलिंग की और उसे सुरक्षित परिजनों के पास भेज दिया,” उन्होंने कहा। इंदौर पुलिस की चाइल्ड हेल्प डेस्क और काउंसलिंग टीम ने बताया कि भक्ति के लिए पढ़ाई छोड़ना या घर से भागना सही नहीं है। उन्होंने परिजनों को भी सलाह दी कि वे बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल और मानसिक स्थिति पर करीबी नजर रखें।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में देशभर से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां किशोर प्रसिद्ध कथावाचकों या आध्यात्मिक गुरुओं से प्रभावित होकर घर छोड़ने लगे। किशोरावस्था में भावनाओं में बहकर लिए गए ऐसे चरम फैसले बच्चों की सुरक्षा और भविष्य दोनों के लिए जोखिमपूर्ण हो सकते हैं।