

नयी दिल्ली : अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच भारत सरकार ने ईरान से 1200 कश्मीरी छात्रों को सुरक्षित भारत पहुंचाया है। मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव के बीच छात्रों की घर वापसी पर अभिभावकों और छात्रों ने राहत की सांस ली है। फरवरी से अब तक करीब करीब तीन हजार से अधिक भारतीय छात्रों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला है। छात्रों की घर वापसी ने जम्मू कश्मीर छात्र संघ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेशी मंत्री एस जयशंकर के हस्तक्षेप पर आभार जताया है। उन्होंने कहा, सरकार ने ऐसे वक्त हर भारतीय को सुरक्षित निकाला है।
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के राष्ट्रीय संयोजक नासिर खुएहामी ने बुधवार को कहा, विदेश मंत्रालय (एमईए ) की त्वरित सहायता के लिए आभार जताया है। लगभग सभी 1,200 कश्मीरी छात्र जो फंसे हुए थे, अब सुरक्षित रूप से भारत लौट आए हैं और अपने-अपने गृह नगर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की त्वरित, निर्णायक, सहानुभूतिपूर्ण और कूटनीतिक चुनौतियों के बावजूद एक सुव्यवस्थित और समन्वित निकासी सुनिश्चित की।
छात्र ईरान के कई क्षेत्रों में बढ़ते संघर्ष, सैन्य अभियानों और मिसाइल हमलों के बीच एक अत्यंत अस्थिर और जानलेवा स्थिति में फंसे हुए थे। बिगड़ते सुरक्षा माहौल ने भारतीय छात्रों को गंभीर खतरे में डाल दिया था, जिससे अभिभावक व छात्र दहशत और चिंता में थे। कई छात्र लगातार डर में जी रहे थे।
रहने से लेकर यात्रा का सारा खर्चा भी मिला:
सरकार के प्रयासों से छात्रों को शुरू में ही कोम समेत अन्य सुरक्षित क्षेत्रों में भेज दिया गया था। उसके बाद, कूटनीतिक प्रयासों से छात्रों को सड़क और हवाई मार्ग से आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते चरणबद्ध तरीके से बाहर निकाला गया है। उसके बाद, छात्र दुबई और मॉस्को के रास्ते दिल्ली पहुंचाया गया है। उन्हें होटल, छात्रावास, अस्थायी आवास के साथ आने का सारा खर्चा भी दिया गया है।