निधि, सन्मार्ग संवाददाता
बनगांव : वन विभाग के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात बनगांव के शिमुलतला इलाके में एक संदिग्ध तस्कर के घर पर छापेमारी की गई। रेंजर दयाल चक्रवर्ती के नेतृत्व में वन कर्मियों और अधिकारियों ने इस सफल अभियान को अंजाम दिया। छापेमारी के दौरान घर के भीतर बोरियों में भरकर रखे गए 105 जीवित कछुए बरामद किए गए। तस्कर ने इन कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से ठूंस-ठूंस कर बोरियों में बंद कर रखा था। इस मामले में पुलिस ने राधेश्याम कुंडू (43) नामक एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। मंगलवार को जब उसे बनगांव अदालत में पेश किया गया, तो न्यायाधीश ने उसे 14 दिनों की जेल हिरासत (न्यायिक हिरासत) में भेजने का आदेश दिया। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन कछुओं को उत्तर प्रदेश से अवैध तरीके से बनगांव लाया गया था। राधेश्याम की योजना इन कछुओं को स्थानीय बाजारों और अन्य संभावित खरीदारों तक पहुँचाने की थी।
बरामद किए गए कछुए 'इंडियन फ्लैप शेल' (Indian Flap Shell) प्रजाति के हैं, जिन्हें स्थानीय भाषा में 'सुंदी' या 'चिती' कछुआ भी कहा जाता है। उत्तर २४ परगना जिले के मुख्य वन संरक्षक (DFO) कमल सरकार ने बताया कि इस प्रजाति के जीवों को पकड़ना, बेचना या पालना कानूनन अपराध है। उन्होंने कहा, "हम गुप्त सूचनाओं पर लगातार नजर रख रहे हैं। अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और हम आम लोगों को भी जागरूक करने के लिए अभियान चला रहे हैं।"
जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा यह भी हुआ है कि बनगांव और आसपास के इलाकों में प्रशासन की नजरों से बचकर कछुए का मांस अवैध रूप से बेचा जा रहा है। कछुए के मांस की भारी मांग के कारण तस्कर इसे 800 से 1000 रुपये प्रति किलो की दर से बेच रहे हैं। पकड़े जाने के डर से अब तस्करों ने अपना तरीका बदल लिया है । शहर के गुप्त ठिकानों पर कछुओं को जमा किया जाता है। साथ ही बाजारों में खुलेआम बेचने के बजाय, ऑर्डर मिलने पर 'होम डिलीवरी' के जरिए मांस सीधे घरों तक पहुँचाया जा रहा है।
अदालती आदेशों का पालन करते हुए, बरामद किए गए सभी 105 कछुओं को पुनः उनके प्राकृतिक वातावरण (नदियों या जलाशयों) में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग ने कड़ी चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में तस्करी के इस अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान और भी तेज किया जाएगा। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों को कठोर सजा का प्रावधान है।