अफीम की तस्करी के मामले में 10 साल की सजा

साथ ही एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी
अफीम की तस्करी के मामले में 10 साल की सजा
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सूचना के बाद एनसीबी ने दबोच लिया था अभियुक्तों को

जब्त की गई किंगपिन की लाखों की नकदी

अदालत ने भगोड़ा घोषित किया

मुनमुन, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कोलकाता जोनल यूनिट ने अफीम की बरामदगी के मामले में दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस कोर्ट के जज ने मामले की सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को दस साल जेल की सजा सुनायी है। इसके साथ ही उनपर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस तस्करी का किंगपिन समीरन घोष फरार है। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया है। एनसीबी ने अफीम की तस्करी के मामले में आनन्द दे और देवाशिष नायेक को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 4.4 केजी अफीम और साढ़े छह लाख नकदी बरामद की गई थी। एक सूचना के बाद अफसरों ने छापा मारा था और बर्दवान के पांडेश्वर से उन्हें गिरफ्तार किया गया था। जांच के बाद पता चला कि अफीम की यह खेप समीरन घोष को सौंपी जानी थी। अभियुक्तों को यह खेप समीरन के पास तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह अफीम बीरभूम से लाई गई थी और इसे राज्य के विभिन्न हिस्सों में पहुंचाया जाना था। यह मामला 2021 में चार फरवरी को दर्ज किया गया था। समीरन घोष के आवास से करीब 37 लाख रुपए बरामद किए गए थे। इसे प्रोसीड ऑफ क्राइम करार देते हुए जब्त कर लिया गया। दस्तावेज और गवाहों के बयान के आधार पर एनडीपीएस अदालत ने अभियुक्तों को सजा सुनायी है। एनसीबी की तरफ से दी गई जानकारी में कहा गया है कि इस तरह कठोर सजा दी जाने से तस्करों को एक सबक मिलती है।


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