क्या पता, कलकत्ता से फोन आया हो…

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पीएम ने पूछा, क्या कोलकाता से आये फोन ने अधीर को दूर किया बहस में शामिल होने से ?
 
कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को संसद में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी पर निशाना साधा और पूछा कि क्या कोलकाता से आये एक फोन के कारण अधीर चौधरी को अविश्वास प्रस्ताव पर बहस में शामिल होने से दूर कर दिया ? अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्ष 1999 में विपक्ष के नेता शरद पवार, 2003 में सोनिया गांधी और 2018 में मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अविश्वास प्रस्ताव लाया था। पीएम ने कहा, 'लेकिन इस बार क्या हुआ ? अधीर बाबू को मौका नहीं मिला। (गृह मंत्री) अमित शाह द्वारा उनके लिए प्रस्ताव रखे जाने के बाद ही उन्हें वक्ता के रूप में मैदान में उतारा गया।' पीएम मोदी नाम लिये बगैर कटाक्ष करते हुए कहा, 'मैं नहीं जानता कि आपकी क्या मजबूरी है? अधीर बाबू को क्यों किनारे कर दिया गया। क्या ऐसा कोलकाता से एक फोन के कारण किया गया।' राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो पीएम राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर इशारा कर रहे थे। मोदी ने याद दिलाया कि चौधरी को पश्चिम बंगाल में चुनाव के बहाने अस्थायी रूप से नेता पद से हटा दिया गया था। अविश्वास प्रस्ताव पर बहस की शुरुआत लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने की। गत बुधवार को शाह ने चौधरी पर कटाक्ष किया था और उन्हें बोलने के लिए बीजेपी के कोटे से समय देने की पेशकश की थी।

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