एनबीएसटीसी ने परिवहन विभाग को भेजी 700 कर्मचारियों की मांग

30 वर्षों से स्थायी भर्ती नहीं
एनबीएसटीसी ने परिवहन विभाग को भेजी 700 कर्मचारियों की मांग
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कूचबिहार : उत्तर बंग राज्य परिवहन निगम (एनबीएसटीसी) में कर्मचारियों की भारी कमी को देखते हुए निगम ने राज्य परिवहन विभाग से 700 नए कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की है। इस संबंध में निगम के प्रबंध निदेशक दीपंकर पिपलाई ने गुरुवार रात परिवहन विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी है। रिपोर्ट के अनुसार, निगम को तत्काल 300 स्थायी और 400 अस्थायी कर्मचारियों की आवश्यकता है। लंबे समय से कर्मचारियों के अभाव से जूझ रहे एनबीएसटीसी में वर्तमान में अधिकांश कार्य अस्थायी कर्मचारियों के सहारे संचालित हो रहा है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 1996 के बाद से निगम में कोई स्थायी नियुक्ति नहीं हुई है। पिछले तीन दशकों में बड़ी संख्या में स्थायी कर्मचारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। एक समय निगम में 3,775 स्थायी कर्मचारी कार्यरत थे, जबकि वर्तमान में उनकी संख्या घटकर केवल 311 रह गई है। इसके अलावा निगम के पास प्रत्यक्ष रूप से और विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त लगभग 2,000 अस्थायी कर्मचारी कार्यरत हैं। रिपोर्ट में जिन 700 पदों की आवश्यकता बताई गई है, उनमें इंजीनियर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर और क्लर्क जैसे पद शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 400 चालक और परिचालकों (कंडक्टरों) की भी तत्काल जरूरत बताई गई है। कर्मचारियों की कमी के कारण पहले दिनहाटा, सिलीगुड़ी और बहारमपुर डिपो के संचालन में कठिनाइयां उत्पन्न हो चुकी हैं। पिछले वर्ष तूफानगंज, मालबाजार और बालुरघाट डिपो के बंद होने की स्थिति भी बन गई थी। निगम प्रशासन ने कुछ डिपो को आपस में विलय कर संचालन जारी रखने की योजना बनाई थी, लेकिन परिवहन विभाग ने उसे मंजूरी नहीं दी।सूत्रों के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में भी कई बार कर्मचारियों की भर्ती का प्रस्ताव परिवहन विभाग को भेजा गया था, लेकिन फाइल वित्त विभाग में लंबित रह जाने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। यह समस्या अब तक बनी हुई है। प्रबंध निदेशक दीपंकर पिपलाई ने कहा कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी आवश्यक आंकड़े और सूचनाएं विभाग को भेज दी गई हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई सरकार के कार्यकाल में कर्मचारियों की भर्ती को लेकर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा, जिससे निगम की सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

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