

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: सियालदह रेलवे मंडल ने रेलवे ट्रैक पर होने वाले अनधिकृत और जानलेवा आवागमन को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंडल ने सात महत्वपूर्ण स्थानों पर लिमिटेड हाइट सबवे (Limited Height Subways - LHS) के निर्माण की मंजूरी की सिफारिश की है। इस परियोजना का उद्देश्य रेलवे ट्रैक पार करने के दौरान होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना और स्थानीय लोगों के लिए सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित करना है।
रोजमर्रा की मजबूरी थी ट्रैक पार करना
सियालदह मंडल के उपनगरीय और ग्रामीण इलाकों में हजारों लोग वर्षों से स्कूल, अस्पताल, बाजार, बैंक और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करने को मजबूर थे। बच्चों, मरीजों, किसानों, कामगारों और ग्रामीणों के पास कई स्थानों पर कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं था, जिससे हर दिन उनकी जान जोखिम में रहती थी।
व्यापक सर्वे के बाद चुने गए सात स्थान
रेलवे अधिकारियों ने विस्तृत फील्ड सर्वे, फुटप्लेट निरीक्षण, ट्रेन व्हीकल यूनिट (TVU) आकलन, स्थानीय लोगों से बातचीत और सुरक्षा मूल्यांकन के बाद इन सात स्थानों का चयन किया। सर्वे में पाया गया कि इन इलाकों में पैदल यात्रियों के अलावा मोटरसाइकिल, ई-रिक्शा (टोटो) और चारपहिया वाहन भी नियमित रूप से अवैध रेलवे क्रॉसिंग का उपयोग कर रहे थे।
इन सात स्थानों पर बनेंगे नए सबवे
अरंगहाटा – बहिरगाछी (रानाघाट–गेदे सेक्शन): गांवों को स्कूल, बाजार, बैंक, डाकघर और स्वास्थ्य सेवाओं से सुरक्षित जोड़ने के लिए।
बगुला – बनपुर (रानाघाट–गेदे सेक्शन): कई गांवों, शिक्षण संस्थानों, शिव निवास मंदिर और कृष्णगंज ब्लॉक अस्पताल तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित होगी।
करणजली – एनसीपीएम (लक्ष्मीकांतपुर–नामखाना सेक्शन): ग्रामीणों को स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, बाजार और सरकारी कार्यालयों तक सुरक्षित रास्ता मिलेगा।
सोनारपुर – बारुईपुर सेक्शन: रेलवे लाइन से विभाजित बस्तियों को शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं से सुरक्षित रूप से जोड़ा जाएगा।
काकद्वीप – उकीलेरहाट (लक्ष्मीकांतपुर–नामखाना सेक्शन): बिशालक्ष्मीपुर और आसपास के गांवों को एनएच-12, स्कूल, अस्पताल और बाजार से बेहतर संपर्क मिलेगा।
बनगांव – पेट्रापोल सेक्शन: एशिया के सबसे बड़े लैंड पोर्ट क्षेत्र में स्थानीय लोगों की सुरक्षित आवाजाही और रेल संचालन दोनों को लाभ मिलेगा।
कृष्णानगर – शांतिपुर सेक्शन: दिगनगर और हाटीसाला सहित कई गांवों को एनएच-12, स्कूल, बाजार और स्वास्थ्य सेवाओं तक सुरक्षित पहुंच मिलेगी।
रेल संचालन भी होगा अधिक सुरक्षित और सुचारु
रेलवे के अध्ययन में सामने आया कि लगातार हो रही अनधिकृत ट्रैक क्रॉसिंग के कारण कई बार लोको पायलटों को ट्रेन की गति कम करनी पड़ती थी। इससे न केवल रेल संचालन प्रभावित होता था, बल्कि दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता था। रेलवे द्वारा फेंसिंग और अन्य सुरक्षा उपायों के बावजूद लोग वैकल्पिक रास्ते के अभाव में ट्रैक पार करने को मजबूर थे।
आरसीसी बॉक्स सबवे से मिलेगा स्थायी समाधान
प्रस्तावित रीइन्फोर्स्ड सीमेंट कंक्रीट (RCC) बॉक्स सबवे रेलवे लाइन और सड़क यातायात के बीच पूर्ण ग्रेड सेपरेशन उपलब्ध कराएंगे। इनके निर्माण के बाद पैदल यात्री, ई-रिक्शा, दोपहिया और स्थानीय वाहन रेलवे ट्रैक के नीचे से सुरक्षित रूप से गुजर सकेंगे। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी, आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी और स्थानीय लोगों की दैनिक आवाजाही आसान बनेगी।
यह कहना है डीआरएम राजीव सक्सेना का
सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजीव सक्सेना ने कहा कि "सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रस्तावित लिमिटेड हाइट सबवे केवल बुनियादी ढांचे की परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि लोगों की जान बचाने और स्थानीय समुदायों की बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दीर्घकालिक पहल हैं। इन महत्वपूर्ण ट्रेसपासिंग स्थलों पर इंजीनियरिंग समाधान उपलब्ध कराकर सियालदह मंडल एक सुरक्षित रेलवे वातावरण बनाने के साथ-साथ लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक बिना जोखिम पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।"