नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले का लोगो लांच, सीएम फडणवीस ने साझा की डिटेल

सिंहस्थ कुंभ
नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेले का लोगो लांचइंटरनेट से साभार
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मुंबई : महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई वाली राज्य सरकार ने नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए उच्च-स्तरीय तैयारियां शुरू कर दी हैं। सरकार ने बुधवार को आगामी नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ मेला 2027 के लिए आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। इस डिज़ाइन में भगवान शिव का त्रिशूल, त्र्यंबकेश्वर मंदिर, कालाराम मंदिर का मेहराब और गोदावरी नदी जैसे तत्व शामिल हैं, जो सिंहस्थ कुंभ मेले के आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं।

लोगों के लिए मिली थीं 3,067 प्रविष्टियां

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सह्याद्री गेस्ट हाउस में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की उपस्थिति में इस लोगो का अनावरण किया। विजेता डिज़ाइन का चयन एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया था, जिसका आयोजन नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण द्वारा किया गया था। इस प्रतियोगिता में कुल 3,067 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं, जिनमें 70 प्रविष्टियां अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों की थीं। प्रसून जोशी सहित जानेमाने डिज़ाइन विशेषज्ञों के एक पैनल ने विजेता डिज़ाइन का चयन किया।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह लोगो भारतीय आध्यात्मिकता, आस्था और सिंहस्थ परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है; इसमें भगवान शंकर का त्रिशूल, श्री क्षेत्र त्र्यंबकेश्वर मंदिर की आभा और गोदावरी नदी को प्रतीकात्मक रूप से एक शिवलिंग के रूप में दर्शाया गया है। इस डिज़ाइन का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत, भारतीय परंपराओं और राष्ट्रीय एकता को व्यक्त करना है। फडणवीस ने बताया कि सभी 13 प्रमुख ‘अखाड़ों’ (मठों) के प्रमुखों के साथ-साथ साधुओं और महंतों के साथ एक बैठक आयोजित की गई। हमने उनके सामने बताया कि हमने क्या-क्या तैयारियां की हैं। उन्होंने हमें बताया कि उनकी क्या अपेक्षाएं हैं। हमने उन्हें उन अपेक्षाओं को पूरा करने का आश्वासन दिया है, और अखाड़ों, साधुओं और महंतों के साथ मिलकर, हम एक भव्य और दिव्य कुंभ मेला आयोजित करने का प्रयास कर रहे हैं।

इतने दिनों तक चलेगा सिंहस्थ कुंभ

सिंहस्थ कुंभ मेला 31 अक्टूबर, 2026 को शुरू होगा और 24 जुलाई, 2028 तक चलेगा, जिसमें मुख्य स्नान कार्यक्रम 2027 में होंगे।

विजेता को मिले तीन लाख रुपये

विजेता कलाकृति पुणे के सुमित काटे ने बनाई थी, जिन्हें 3 लाख रुपये का नकद पुरस्कार और एक प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। दूसरा पुरस्कार 2 लाख रुपये का था, जो नोएडा के मयंक नायक को दिया गया, जबकि पंढरपुर के पीयूष पिंपलकर ने तीसरा स्थान प्राप्त किया और उन्हें 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिला।

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