त्रिपुरा को मिले 1.21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव

342 एमओयू पर हुए हस्ताक्षर 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' में देश-विदेश के निवेशकों का बढ़ा भरोसा

त्रिपुरा को मिले 1.21 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव
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अगरतला : त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में आयोजित दो दिवसीय 'डेस्टिनेशन त्रिपुरा बिजनेस कॉन्क्लेव-2026' राज्य के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। सम्मेलन के दौरान कुल 342 समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हुए, जिनके जरिए राज्य को 1.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। राज्य सरकार का मानना है कि इन निवेशों से त्रिपुरा के औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

2,000 से अधिक निवेशकों और 11 देशों की भागीदारी

कॉन्क्लेव में भारत और विदेशों से 2,000 से अधिक निवेशकों और प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। लगभग 1,200 संगठनों की मौजूदगी रही, जबकि 11 देशों के प्रतिनिधि, राजदूत और उच्चायुक्त भी सम्मेलन में शामिल हुए। इससे त्रिपुरा की निवेश क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मजबूती मिली।

मुख्यमंत्री बोले- पुराने निवेश भी धरातल पर उतर रहे

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि पिछले वर्ष राज्य को 30 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं पहले ही लागू हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इस बार मिले निवेश प्रस्ताव त्रिपुरा को औद्योगिक और आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में त्रिपुरा की बड़ी उपलब्धि

राज्य सरकार के अनुसार, केंद्र सरकार की 'डी-रेगुलेशन एंड कंप्लायंस रिडक्शन' पहल के तहत त्रिपुरा ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शीर्ष स्थान हासिल किया है। सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम, जीआईएस आधारित डिजिटल लैंड बैंक, भूमि उपयोग परिवर्तन की सरल प्रक्रिया और जोखिम आधारित निरीक्षण प्रणाली जैसी सुधारों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

कई क्षेत्रों में निवेश के बड़े अवसर

त्रिपुरा सरकार ने निवेशकों के लिए रबर, बांस, अगरवुड, फूड प्रोसेसिंग, कृषि, मत्स्य पालन, पेट्रोकेमिकल, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, फार्मास्यूटिकल्स और बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश के अवसर प्रस्तुत किए। इसके अलावा राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) स्थापित करने पर भी विशेष जोर दे रहा है।

दक्षिण-पूर्व एशिया का लॉजिस्टिक्स गेटवे बनने की तैयारी

राज्य सरकार त्रिपुरा को दक्षिण-पूर्व एशिया का लॉजिस्टिक्स गेटवे बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसके लिए अगरतला-अखौरा रेल लिंक , मैत्री सेतु के माध्यम से बांग्लादेश के चटगांव बंदरगाह तक संपर्क, अंतर्देशीय जलमार्गों का विकास और महाराजा बीर बिक्रम एयरपोर्ट के विस्तार जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

केंद्रीय मंत्रियों ने भी निवेशकों को दिया भरोसा

कॉन्क्लेव के उद्घाटन सत्र में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल , पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (DoNER) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया , मुख्यमंत्री माणिक साहा और राज्य की उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री संताना चकमा सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। सभी ने निवेशकों को त्रिपुरा में उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।

राज्य की अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन निवेश प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा धरातल पर उतरता है तो त्रिपुरा पूर्वोत्तर भारत के प्रमुख औद्योगिक, सेवा और लॉजिस्टिक्स केंद्र के रूप में उभर सकता है। इससे रोजगार, बुनियादी ढांचे के विकास और राज्य की अर्थव्यवस्था को दीर्घकालिक मजबूती मिलने की संभावना है।

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