सुरक्षा से समझौता नहीं, खदानों में सुरक्षित कार्य संस्कृति मजबूत करने पर जोर
फोटो जितेन्द्र, सन्मार्ग संवाददाता सालानपुर : सालानपुर एरिया में खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने तथा कर्मियों के लिए सुरक्षित कार्य वातावरण सुनिश्चित करने को लेकर सालानपुर एरिया कॉन्फ्रेंस हॉल में त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। सालानपुर एरिया के महाप्रबंधक डीके सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता डीजीएमएस के डीएमएस (माइनिंग) एके दास ने की। बैठक के दौरान माइन सेफ्टी, व्यावसायिक स्वास्थ्य, पीरियोडिकल मेडिकल एग्जामिनेशन (PME), वैधानिक मैनपावर तथा सुरक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों और श्रमिक प्रतिनिधियों ने खदानों में सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन, संभावित जोखिमों की पहचान तथा दुर्घटनाओं की रोकथाम के उपायों पर अपने विचार रखे। कार्यक्रम की शुरुआत सुरक्षा शपथ के साथ हुई। खदानों में काम करने वाले कर्मचारियों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी और समय-समय पर मेडिकल जांच सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक के दौरान प्रबंधन, डीजीएमएस, ट्रेड यूनियनों और सुरक्षा प्रतिनिधियों के बीच समन्वय को लेकर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने खनन कार्यों के दौरान सामने आने वाली सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और उनके समाधान से जुड़े सुझाव रखे। सुरक्षा नियमों को केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रखने के बजाय उसे रोजमर्रा के कार्य व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। बैठक में डीजीएमएस के डीएमएस (इलेक्ट्रिकल) एवी सुब्बाराव, डीडीएमएस (माइनिंग) श्रीनिवास चिर्रा, डीडीएमएस (इलेक्ट्रिकल) केएस मीना, डीडीएमएस (मैकेनिकल) एसपी देवरा, आईएसओ के प्रसून स्मृति एवं पार्थ प्रतिम साहा तथा सेफ्टी बोर्ड के सदस्य मौजूद रहे। सुरक्षा शपथ के साथ जागरूकता का संदेश कार्यक्रम में अधिकारियों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों को सुरक्षा शपथ दिलाई गई। इसके बाद डीजीएमएस और ईसीएल अधिकारियों ने अपने संबोधन में खनन क्षेत्र में सुरक्षा की प्राथमिकता को रेखांकित किया। उन्होंने कर्मचारियों से सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करने, कार्यस्थल पर सतर्क रहने और किसी भी संभावित जोखिम की सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को देने का आह्वान किया।डीजीएमएस के डीएमएस (माइनिंग) ए.के. दास ने सभी स्तरों पर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने और सुरक्षित कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता बताई कहा कि सुरक्षा केवल निर्धारित नियमों तक सीमित न रहकर प्रत्येक कर्मचारी की कार्यशैली और जिम्मेदारी का हिस्सा बने।

