

अहमदाबाद: गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर में मानव तस्करी और पारिवारिक विश्वासघात का एक बेहद स्तब्ध करने वाला मामला उजागर हुआ है, जहाँ एक पति ने चंद रुपयों के लालच में अपनी ही पत्नी का सौदा कर दिया। पुलिस द्वारा किए गए इस सनसनीखेज खुलासे ने सामाजिक ताने-बाने और मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। जाँच के दौरान पुलिस ने आरोपी पति द्वारा रची गई उस घिनौनी साजिश का पर्दाफाश किया, जिसके तहत पीड़िता को न केवल मानव तस्करी के दलदल में धकेला गया बल्कि उसे गंभीर यौन उत्पीड़न का शिकार भी होना पड़ा। फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगालने और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।
शातिर पति की चाल : पत्नी का सौदा कर खुद पहुँचा थाने
मामले की शुरुआत तब हुई जब एक शख्स ने थाने पहुँचकर अपनी पत्नी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने इसे एक सामान्य लापता होने का मामला मानकर तफ्तीश शुरू की, लेकिन जैसे-जैसे जाँच के पन्ने खुले, सामान्य सी दिखने वाली यह फाइल विश्वासघात, लालच और क्रूरता की एक खौफनाक दास्तान में तब्दील हो गई। चौंकाने वाला सच तब सामने आया जब खुद को बेकसूर बताने वाला पीड़िता का पति, निकेश पटेल ही इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड निकला। कानून को गुमराह करने की नीयत से शिकायत दर्ज कराने वाले निकेश ने चंद रुपयों के लालच में अपनी ही पत्नी की आजादी और अस्मत का सौदा महज 50 हजार रुपये में कर डाला था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी पति के इस घिनौने चेहरे को बेनकाब कर उसे हिरासत में ले लिया है।
सात फेरों का अपमान : पति ने ही धकेला नरक के दलदल में
निकेश अपनी पत्नी को पसंद नहीं करता था, लेकिन इस नापसंदगी से पीछा छुड़ाने के लिए उसने जो रास्ता चुना, उसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया। वैवाहिक जीवन के उस पवित्र बंधन का गला घोंटते हुए, जहाँ उसने अग्नि को साक्षी मानकर सात जन्मों तक साथ निभाने और रक्षा करने का वादा किया था, वह चंद रुपयों के लालच में अंधा हो गया। अपनी ही जीवनसंगिनी से छुटकारा पाने की क्रूर सनक में वह इस कदर गिरा कि उसने उस मासूम को महज कुछ हजार रुपयों के एवज में जीते-जी नरक के दलदल में धकेल दिया। रिश्ते के इस खौफनाक और घिनौने अंत ने समाज में वैवाहिक विश्वास पर एक बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है।
हमदर्दी बटोरने पुलिस के पास पहुँचा था मास्टरमाइंड
इस खौफनाक साजिश के बेनकाब होने का सिलसिला 19 मई को शुरू हुआ, जब गणेशपुरा का रहने वाला निकेश पटेल पालनपुर पश्चिम पुलिस स्टेशन पहुँचा। वह कानून की नजरों में खुद को बेकसूर साबित करने और जांच एजेंसियों को गुमराह करने के लिए एक बेहद सोची-समझी स्क्रिप्ट तैयार करके आया था। थाने में उसने खुद को एक लाचार, परेशान और रोते-बिलखते पति के रूप में पेश किया, जिसकी पत्नी रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी। पुलिस के मुताबिक, निकेश का यह पूरा ड्रामा सिर्फ इसलिए था ताकि किसी को भी उस पर शक न हो और वह कानून के शिकंजे से बच सके। लेकिन वह यह भूल गया कि खाकी की पैनी नजरों के सामने अपराधियों के मुखौटे ज्यादा देर टिक नहीं पाते।
पुलिस उपाधीक्षक डॉ. जिग्नेश गामित के तहत जांचकर्ताओं ने के लापता मामले की गहराई से छानबीन शुरू की, तो पति के बयानों में कई विसंगतियां और विरोधाभास सामने आने लगे। पुलिस की लगातार और सख्ती से की गई पूछताछ में वह टूट गया और उसने इस जघन्य अपराध को कबूल कर लिया।
निकेश ने पुलिस को बताया कि वह अपनी पत्नी से नफरत करता था। इस वजह से उसने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पैसों का सौदा करके उससे छुटकारा पाने की साजिश रच डाली। उसके चौंकाने वाले कबूलनामे के आधार पर, पालनपुर पश्चिम पुलिस ने एक त्वरित बचाव अभियान चलाया, जिसमें सफलतापूर्वक उस जगह का पता लगाया गया, जहां महिला को रखा गया था। पुलिस ने वहां से पीड़िता को छुड़वाकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
महिला भले ही बंधक से मुक्त हो गई लेकिन वह बहुत ही सदमे में थी। उसने अधिकारियों को अपनी दिल दहला देने वाली आपबीती बताई। महिला ने खुलासा किया कि कैद के दौरान, मानव तस्करी गिरोह में शामिल लोगों ने उसका यौन उत्पीड़न और गैंगरेप जैसी भयानक यातनाएं दीं। उसने पुलिस को ये भी बताया कि अपराधियों ने उसके सारे सोने के गहने जबरन छीन लिए, जिन्हें मुनाफे के लिए उन्होंने बेच दिया।
बता दें कि महिला के पति निकेश पटेल ने अपने दोस्तों संजय ठाकोर, अशोक ठाकोर और सचिन दरबार के साथ मिलकर पत्नी के सौदे की प्री प्लानिंग की थी। उसने अपनी धर्म पत्नी को 50 हजार रुपये में खरीदारों को बेच दिया।
जांच के मुताबिक, गिरोह महिला को यात्रा के बहाने बहला-फुसलाकर एक सुनसान जगह पर ले गया और उसे अपराधियों के हवाले कर दिया, जिन्होंने उसे जबरन कैद कर लिया। पीड़िता के बयान के बाद, पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी, गंगरेप, डकैती और आपराधिक साजिश की कड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। साथ ही उसके पति निकेश पटेल, संजय ठाकोर, अशोक ठाकोर और सचिन दरबार समेत कुल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।