दिल्ली इमारत हादसा : जान गंवा चुके बेटे की राह देख रही मां, दोस्त से किया वादा भी रह गया अधूरा

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दिल्ली इमारत हादसा
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नयी दिल्ली : दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में इमारत ढहने की घटना में जान गंवाने वाले सात लोगों में शामिल दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के छात्र अर्पित की मां अब भी उसके घर लौटने की प्रतीक्षा कर रही हैं, जबकि एक दोस्त उसके साथ संगीत कार्यक्रम में जाने का इंतजार करता रह गया।

डीयू के साउथ कैंपस के पास सत्य निकेतन इलाके में स्थित यह इमारत लड़कों के लिए ‘पेइंग गेस्ट’ (पीजी) आवास के रूप में इस्तेमाल होती थी। रविवार अपराह्न करीब 1:30 बजे मरम्मत कार्य के दौरान यह इमारत ढह गई। मलबे से 12 लोगों को निकाला गया, जिनमें से सात की मौत हो गई। अर्पित दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज में बीकॉम द्वितीय वर्ष का छात्र था। वह रविवार सुबह मध्यप्रदेश स्थित अपने घर से रक्षाबंधन मनाकर दिल्ली लौटा था। मां से अर्पित की आखिरी बातचीत अपराह्न करीब 12:30 बजे हुई थी। इसके बाद किए गए किसी फोन का कोई जवाब नहीं मिला।

उन्हें डर था कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है

अर्पित की मां अब भी यह स्वीकार नहीं कर पा रही हैं कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं है। उन्नीस वर्षीय बेटे का शव देखते ही वह गिर पड़ीं और बेहोश हो गईं। उन्हें इलाज के लिए एम्स में भर्ती कराना पड़ा। होश में आने के बाद भी वह गहरे सदमे में थीं और यह मानने को तैयार नहीं थीं कि उनके बेटे की मौत हो चुकी है। वह लगातार रोते हुए कह रही थीं कि जब तक अर्पित घर आकर अपने हाथों से उन्हें खाना नहीं खिलाएगा, तब तक वह भोजन नहीं करेंगी। कुछ दिन पहले ही उन्होंने रक्षाबंधन के बाद अर्पित को दिल्ली वापस जाने से रोकने की कोशिश की थी। उन्हें डर था कि उसके साथ कुछ गलत हो सकता है।

'मैंने उसे दिल्ली क्यों जाने दिया ?'

उन्होंने कहा, “रेलवे स्टेशन पर उसकी बहन को छींक आई थी, जिसे मैंने अशुभ संकेत माना और उससे यात्रा न करने को कहा, लेकिन उसने कहा कि उसका टिकट कन्फर्म हो गया है और कक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं।” वह मां की बात नहीं मानकर दिल्ली आ गया। अब यह फैसला अर्पित की मां को अपराधबोध से भर रहा है। रोते हुए उन्होंने कहा, “मैंने उसे दिल्ली क्यों जाने दिया ? मुझे पहले से लग रहा था कि कुछ बुरा होने वाला है।”

अर्पित के दोस्त संस्कार (20) के लिए भी इस खबर पर यकीन करना मुश्किल था। वह पिछले डेढ़ साल से अर्पित के साथ पढ़ रहा था। शनिवार शाम ट्रेन में बैठने के बाद अर्पित ने उसे बताया था कि वह दिल्ली लौट रहा है। संस्कार ने कहा, “हम बहुत करीबी दोस्त थे। वह मुझे मिले सबसे अच्छे लोगों में से एक था। हम दोनों एक ही दिन दिल्ली आए थे। वह अपने परिवार के साथ रक्षाबंधन मना रहा था। उसने मुझसे कहा था कि हम दिल्ली विश्वविद्यालय में एक संगीत कार्यक्रम देखने जाएंगे।” दोनों दोस्तों को सोमवार को कॉलेज भी जाना था।

...हमने उसकी मां को फोन कर कहा कि वह मध्यप्रदेश से वापस न भेजें, क्योंकि उसका पीजी ढह गया है। लेकिन उन्होंने बताया कि वह शनिवार शाम को ही रवाना हो चुका था।”

संस्कार ने कहा, “हमें आज कॉलेज जाना था, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।” अर्पित के कई दोस्त अस्पताल के बाहर जमा थे और अपने आंसू रोकने की कोशिश कर रहे थे। इमारत ढहने की जानकारी मिलने के बाद अर्पित के दोस्तों ने कई घंटे तक उसकी तलाश की। किरोड़ीमल कॉलेज के छात्र मयंक ने बताया कि उसे एक दोस्त से घटना की जानकारी मिली और वह तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। मयंक ने कहा, “हम उसे ढूंढने के लिए पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिला। हमने उसकी मां को फोन कर कहा कि वह मध्यप्रदेश से वापस न भेजें, क्योंकि उसका पीजी ढह गया है। लेकिन उन्होंने बताया कि वह शनिवार शाम को ही रवाना हो चुका था।” इसके बाद अर्पित के दोस्तों का समूह एम्स पहुंच गया, क्योंकि उन्हें बताया गया था कि मलबे से निकाले गए लोगों को वहां ले जाया जा रहा है। मयंक ने कहा, “हम तुरंत एम्स आ गए, क्योंकि हमें बताया गया था कि लोगों को यहां लाया जा रहा है। तब से हम यहीं हैं। उसके परिवार ने सुबह करीब नौ बजे उसकी पहचान की।”

गांव वालों ने क्या कहा ?

अर्पित के गांव के लोगों ने कहा कि उसका भविष्य काफी उज्ज्वल दिखाई देता था। अर्पित के गांव के रहने वाले और स्कूल में उसके जूनियर रहे राज वर्धन ने बताया कि वह कॉलेज में बीकॉम की पढ़ाई कर रहा था और चार्टर्ड अकाउंटेंसी (सीए) की परीक्षा की तैयारी भी कर रहा था। वर्धन ने कहा, “वह बीकॉम कर रहा था और साथ ही चार्टर्ड अकाउंटेंसी की तैयारी भी कर रहा था। उसकी बड़ी बहन भी सीए की पढ़ाई कर रही है।” इस हादसे ने अर्पित के दोस्तों को सिर्फ एक साथी छात्र के खोने का दुख नहीं दिया है, बल्कि उन अधूरी योजनाओं का भी दर्द दिया है, जो अब कभी पूरी नहीं होंगी।

दिल्ली पुलिस ने बताया कि इमारत के मालिक हरिराम गुप्ता को सोमवार को राजस्थान के भिवाड़ी इलाके से पकड़ लिया गया। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने कहा कि गुप्ता को भिवाड़ी से पकड़ा गया है और मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस ने इमारत मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इसके अलावा मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।

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