छोटे दल के बावजूद भारत की नजरें पैरा एशियाई खेलों में बेहतर प्रदर्शन पर
नागोया : भारत पिछले पैरा एशियाई खेलों के रिकॉर्ड प्रदर्शन को बेहतर करने की कोशिश करेगा, लेकिन दल का आकार कम होने और दो खेलों में चयन को लेकर विवादों के बीच रविवार से शुरू हो रहे इन खेलों में 111 पदकों की पिछली उपलब्धि को दोहराना चुनौती हो सकती है। भारत ने हांगझोउ खेल 2023 में 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य पदक जीते थे जो अब तक का उसका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। आइची नागोया में भारत ने 11 खेलों में 168 खिलाड़ियों का दल भेजा है जबकि चीन में दल में 303 खिलाड़ी थे। भागीदारी के कोटे को और सख्त करने तथा कार्यक्रमों में किए गए बदलावों के कारण इसमें कमी आई है। खिलाड़ियों की संख्या में कटौती के कारण पिछले कुल पदकों की संख्या तक पहुंचना मुश्किल होगा। अब बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि भारत के अनुभवी पदक विजेता कैसा प्रदर्शन करते हैं और क्या नए उभरते एथलीट महाद्वीपीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ पाते हैं। भारत ने रविवार को होने वाले आधिकारिक उद्घाटन समारोह से पहले पैरा बैडमिंटन, पैरा टेबल टेनिस, बोकिया और दृष्टिबाधित फुटबॉल में अपने अभियान की शुरूआत कर दी है। हांगझोउ में भारत ने पैरा एथलेटिक्स में 18 स्वर्ण समेत 55 पदक जीते थे और इस बार भी नजरें पैरा एथलीटों पर रहेंगी। इस बार 123 की बजाय 62 खिलाड़ी ही गए हैं यानी करीब 50 फीसदी कटौती हुई है। पैरालम्पिक चैम्पियन और विश्व रिकॉर्डधारी भालाफेंक खिलाड़ी सुमित अंतिल स्वर्ण के प्रबल दावेदार होंगे। ऊंची कूद में निषाद कुमार, फर्राटा में प्रीति पाल और क्लब थ्रो में धरमबीर सिंह पर नजरें रहेंगी। तीरंदाजी में भुजाहीन तीरंदाज शीतल देवी और पायल नाग पर उम्मीदें टिकी होंगी जबकि पैरालम्पिक रिकर्व चैम्पियन हरविंदर सिंह और विश्व चैम्पियन तोमान कुमार भी पदक के दावेदारों में हैं। पैरा बैडमिंटन में कई बार चैम्पियन रह चुके प्रमोद भगत और सुहास एल वाई पर दारोमदार होगा। निशानेबाजी में पैरालम्पिक चैम्पियन अवनि लेखरा चुनौती की अगुवाई करेंगे। टेबल टेनिस में तोक्यो पैरालम्पिक रजत पदक विजेता भाविना पटेल से उम्मीदें होंगी। पैरा निशानेबाजी और पैरा साइकिलिंग में चयन विवाद के कारण खेलों से पहले चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठे हैं। करीब 150 पैरा निशानेबाजों ने भारतीय खेल प्राधिकरण से कथित वित्तीय अनियमितताओं, वसूली और विभिन्न चयन दिशा निर्देशों के उल्लंघन की स्वतंत्र जांच की मांग की है। भारतीय पैरालम्पिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झझाडिया ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि चयन निष्पक्ष हुए हैं। खेल मंत्रालय ने निशानेबाजी टीम के मुख्य कोच को दल से हटाकर दूसरे कोच को शामिल किया जिसका कई प्रमुख निशानेबाजों ने विरोध भी किया। पैरा साइकिलिंग में भी संयुक्त चयन समिति ने छह साइकिलिस्ट का चयन किया लेकिन मंत्रालय ने सिर्फ अरशद शेख को मंजूरी दी।

