

नयी दिल्ली : भारत के पूर्व ऑलराउंडर इरफान पठान का मानना है कि वेस्टइंडीज के खिलाफ आगामी वनडे शृंखला में यशस्वी जायसवाल को पर्याप्त मौके दिए जाने चाहिए, ताकि वह अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप से पहले टीम के वैकल्पिक सलामी बल्लेबाज के रूप में खुद को स्थापित कर सकें। भारत 27 सितंबर से तीन अक्टूबर तक वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैच की वनडे सीरीज खेलेगा। इसके साथ ही तिरुवनंतपुरम में भारत के घरेलू सत्र की शुरुआत होगी। पठान ने कहा कि यह सीरीज भारत के लिए अपनी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ को परखने का अच्छा अवसर है क्योंकि कई नियमित खिलाड़ी एशियाई खेलों में हिस्सा लेने के कारण उपलब्ध नहीं हैं।
पठान ने कहा, ‘वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे के लिए यह भारत की मुख्य टीम नहीं है और मुझे लगता है कि यही सही तरीका है। बुमराह इसमें नहीं हैं, जबकि श्रेयस, अक्षर और वॉशिंगटन सुंदर सभी एशियाई खेलों में खेल रहे हैं। अगले साल विश्व कप से पहले आपके पास केवल कुछ ही मैच होंगे और उन मुकाबलों में आप अपनी ‘बेंच स्ट्रेंथ’ भी परखना चाहेंगे।’ उन्होंने कहा, ‘एशियाई खेल और वेस्टइंडीज सीरीज एक साथ हो रहे हैं इसलिए यह एक तरह से अच्छा ही है क्योंकि इससे कई युवा खिलाड़ियों को निश्चित रूप से मौका मिलेगा।’ वडोदरा के 41 साल के इस खिलाड़ी का कहना है कि जायसवाल मिले मौकों का पूरा फायदा उठाएं।
उनका कहना है कि दक्षिण अफ्रीका में होने वाले विश्व कप से पहले इस सलामी बल्लेबाज को काफी अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘वेस्टइंडीज के खिलाफ इस वनडे सीरीज में मिलने वाले मौकों के मामले में जिस एक खिलाड़ी पर मेरी नजर रहेगी, वह यशस्वी जायसवाल हैं। वह टीम में ‘बैकअप’ सलामी बल्लेबाज हैं और जब तक आप विश्व कप के लिए दक्षिण अफ्रीका पहुंचेंगे, तब तक आपके ‘बैकअप’ सलामी बल्लेबाज को काफी मौके मिल चुके जाने चाहिए।’ पठान ने कहा, ‘इसलिए, जब भी मौका मिले, मैं उन्हें लगातार खेलते हुए देखना चाहूंगा। जाहिर है, आपको यह सोचना होगा कि वे मौके कैसे बनाए जाएं, चाहे बल्लेबाजी क्रम में बदलाव करके या खिलाड़ियों को रोटेट करके, लेकिन मुझे उम्मीद है कि उन्हें वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलने का मौका मिलेगा।’