वुमेन्स इंडिया ओपन गोल्फ नौ अक्टूबर से

कविता ने जल्द ही घरेलू विजेता मिलने की उम्मीद जताई लेकिन साथ ही कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर अनुशासन और मानसिक रूप से मजबूती दिखानी होगी।
वुमेन्स इंडिया ओपन गोल्फ नौ अक्टूबर से
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नयी दिल्ली : भारत और दुनिया की कई शीर्ष खिलाड़ी 17वें हीरो वुमेन्स इंडिया गोल्फ टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी जिसका आयोजन नौ से 12 अक्टूबर तक गुरुग्राम के डीएलएफ गोल्फ एंड कंट्री क्लब में किया जाएगा। इस 72 होल के टूर्नामेंट में 28 देशों की 114 खिलाड़ी हिस्सा लेंगी। इस बार प्रतियोगिता की इनामी राशि में भी इजाफा किया गया है। भारतीय महिला गोल्फ संघ (डब्ल्यूजीएआई) की अध्यक्ष कविता सिंह ने प्रतियोगिता के बारे में जानकारी देखते हुए बुधवार को यहां संवाददाताओं से कहा, ‘प्रतियोगिता की इनामी राशि चार लाख डॉलर से बढ़ाकर पांच लाख डॉलर कर दी गई है। हम बेहद रोमांचित है क्योंकि हमारी खिलाड़ियों के लिए यह काफी मायने रखता है। हमारे लिए यह बेहद गर्व की बात है लेकिन महिला टूर को जरूरी पहचान मिल रही है।’ वर्ष 2016 में अदिति अशोक के बाद से किसी भारतीय खिलाड़ी ने यह शीर्ष घरेलू प्रतियोगिता नहीं जीती है। कविता ने जल्द ही घरेलू विजेता मिलने की उम्मीद जताई लेकिन साथ ही कहा कि भारतीय खिलाड़ियों को बेहतर अनुशासन और मानसिक रूप से मजबूती दिखानी होगी।

कविता ने कहा, ‘हम अपनी खिलाड़ियों का काफी समर्थन करते हैं और हमें उनसे खिताब की उम्मीद है। हम उन्हें कहते हैं कि आप मेहनत करो, अनुशासन में रहो, अच्छा खाओ, एक्सरसाइज करो और हम आपका पूरा समर्थन करने को तैयार है। हमारी ओर से कोई कमी नहीं है, कमी खिलाड़ियों की तरफ से है।’ उन्होंने कहा, ‘जब दुनियाभर की खिलाड़ी खिताब जीत रही हैं तो फिर हमारी खिलाड़ी क्यों नहीं। आपको अपने खान-पान, एक्सरसाइज और अभ्यास में अनुशासन दिखाना होगा। हमारी खिलाड़ियों में भूख की कमी है। हमारी कुछ ही खिलाड़ियों में भूख नजर आती है लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। अगर आप कड़ी मेहनत करती हैं तो नतीजे मिलेंगे। मुझे लगता है कि हमारी खिलाड़ियों में वह मानसिक मजबूती नहीं है और उनमें अनुशासन भी होना चाहिए। खान-पान और अभ्यास सहित कुछ छोटी-छोटी चीजें भी काफी मायने रखती हैं।’

भारत में महिला गोल्फ की सफलता पर कविता ने कहा, ‘हमारे लिए यह लंबा सफर रहा है। हमने पांच लड़कियों के साथ शुरुआत की थी और अब 65 लड़कियां हमारे साथ जुड़ी हैं। अतीत में कुछ भारतीय खिलाड़ियों ने यह प्रतियोगिता जीती है और हम उम्मीद करते हैं कि किसी दिन कोई भारतीय पुरुष और महिला गोल्फर दुनिया भर में शीर्ष पर होगी।’ उन्होंने कहा, ‘प्रणवी (उर्स), दीक्षा (डागर) और त्वेसा मलिक ने विदेशों में अच्छा प्रदर्शन किया है और अपना लेडीज यूरोपीय टूर कार्ड बचाने में सफल रहीं हैं। हिताशी, स्नेहा, अमनदीप और नेहा भी अपना कार्ड बरकरार रखने में सफल रही हैं। उम्मीद है कि लेडीज यूरोपीय टूर पर भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा रहेगा।’

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