अमेरिकी ओपन : उपविजेता रहे श्रीकांत

कड़ी चुनौती और शानदार वापसी के बावजूद किदांबी श्रीकांत अमेरिकी ओपन सुपर 300 के रोमांचक फाइनल में सु ली यांग से तीन गेम की जंग हारकर उपविजेता बने
Srikant
श्रीकांत (फाइल फोटो)
Published on

अमेरिका : भारत के किदांबी श्रीकांत को अपने से नौ साल छोटे चीनी ताइपे के सु ली यांग के सामने कड़ी चुनौती पेश करने के बावजूद अमेरिकी ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट के पुरुष एकल के फाइनल में तीन गेम तक चले मैच में हार का सामना करना पड़ा। विश्व रैंकिंग में 38वें नंबर के खिलाड़ी श्रीकांत ने पहला गेम गंवाने के बाद अच्छी वापसी की लेकिन वह विश्व में 46वें नंबर के खिलाड़ी सु की गति का मुकाबला नहीं कर पाए और आखिर में एक घंटे से अधिक समय तक चले मैच में 15-21, 21-16, 9-21 से हार गए।

मैच के बाद गुंटूर के खिलाड़ी ने कहा, ‘शायद मैं शुरुआती गेम में थोड़ा बेहतर खेल सकता था। वैसे, मुझे लगता है कि मैं ठीक-ठाक खेला। तीसरे गेम के दूसरे हिस्से में अचानक ही शॉट्स बहुत अच्छे लगने लगे।’ श्रीकांत ने पिछले साल मलेशिया मास्टर्स सुपर 500 और सैयद मोदी इंटरनेशनल सुपर 300 में भी दूसरा स्थान हासिल किया था। श्रीकांत 2017 में एक ही कैलेंडर वर्ष में चार सुपर सीरीज खिताब जीतने वाले पहले भारतीय बने थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे बस ऐसा लगा कि मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, वह काम कर रहा है। मुझे बस कड़ी मेहनत जारी रखनी है।

मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर हूं। बात बस उन अहम अंक को जीतने की है।’ सत्र का अपना पहला फाइनल खेल रहे श्रीकांत की गलतियों का फायदा उठाकर सु ने पहले गेम में अच्छी शुरुआत की और 7-2 की बढ़त बना ली। श्रीकांत ने वापसी करते हुए अगले 11 में से आठ प्वाइंट जीते और स्कोर 10-10 से बराबर कर दिया। हालांकि ब्रेक के बाद चीनी ताइपे के शटलर ने वापसी करते हुए रैलियों की गति तेज कर दी और 17-12 से बढ़त बना ली। सु ने इसके बाद छह गेम प्वाइंट हासिल किए।

भारतीय खिलाड़ी ने एक प्वाइंट बचाया, लेकिन फिर शटल को बाहर मार दिया, जिससे सु ने 17 मिनट में पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में श्रीकांत ने लगातार तीन प्वाइंट जीतकर 7-4 की बढ़त बना ली, लेकिन सु ने जल्द ही 8-8 से बराबरी कर ली। भारतीय खिलाड़ी ने एक शानदार बैकहैंड क्रॉस-कोर्ट नेट शॉट से 10-8 की बढ़त बनाई। श्रीकांत ने इसके बाद भी अपनी बढ़त बरकरार रखते हुए उसे 18-13 कर दिया और फिर सात गेम प्वाइंट हासिल किए। सु ने तीन गेम प्वाइंट बचाए, लेकिन श्रीकांत ने एक जोरदार स्मैश से मुकाबला बराबरी पर ला दिया। निर्णायक गेम में सु ने आक्रामक शुरुआत करते हुए 4-1 की बढ़त हासिल कर ली।

श्रीकांत ने इस बीच गलतियां की जबकि चीनी ताइपे के खिलाड़ी ने अपना आक्रामक खेल जारी रखते हुए बढ़त को 15-7 तक पहुंचा दिया। श्रीकांत के एक और वाइड रिटर्न के बाद सु ने 12 मैच प्वाइंट हासिल किए। भारतीय खिलाड़ी ने एक प्वाइंट बचाया, लेकिन वह अपना संघर्ष जारी नहीं रख पाए और सु ने अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता। श्रीकांत ने कहा, ‘सु पिछले कुछ महीनों से बहुत अच्छा खेल रहे हैं। आज भी उन्होंने बहुत अच्छा खेला, खासकर उन अंक के दौरान जो वाकई अहम थे।’

Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in