17 किलो वजन कम कर चुनौती को तैयार ये खिलाड़ी

17 किलो वजन घटाकर खुद को साबित करने वाले सरफराज खान को साई सुदर्शन की चोट के बाद श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली बहुप्रतीक्षित वापसी, फिटनेस और जुझारू खेल से बदली किस्मत
17 किलो वजन कम कर चुनौती को तैयार ये खिलाड़ी
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नयी दिल्ली : भारत की टेस्ट टीम में वापसी करने से कुछ दिन पहले सरफराज खान ने सोशल मीडिया पर लिखा था ‘हो सकता है मैं टीम में फिट न बैठूं, लेकिन मैं अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोडूंगा।’ इससे उनके दृढ़ संकल्प का पता चलता है लेकिन वह तब की परिस्थितियों से भी अच्छी तरह अवगत थे। अब किस्मत ने पलटी खाई और वह फिर से भारतीय टीम का हिस्सा बन गए जो एक तरह से उनके दृढ़ संकल्प की भी जीत है। साई सुदर्शन के चोटिल होने से सरफराज को भारतीय टीम में जगह बनाने का वह मौका मिल गया जिसका वे पिछले दो वर्षों से इंतजार कर रहे थे। उन्हें 15 अगस्त से श्रीलंका के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम में शामिल किया गया है।

मुंबई के रहने वाले इस खिलाड़ी के लिए यह वापसी इससे बेहतर समय पर नहीं हो सकती थी, क्योंकि उन्होंने फिट होने के लिए अपनी तरफ से हर संभव प्रयास किए थे, जिसमें पिछले डेढ़ साल में 17 किलो वजन कम करना भी शामिल था। रणजी ट्रॉफी में तिहरा शतक बनाने के बावजूद सरफराज को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए अधिक भारी भरकम शरीर वाला खिलाड़ी माना जाता था लेकिन अब वह अधिक चुस्त-दुरुस्त दिखते हैं, जिसने निश्चित रूप से उनके T-20 खेल में सुधार हुआ है। मुंबई में बेमौसम की बारिश के कारण अभ्यास करना संभव नहीं था और इसलिए सरफराज कश्मीर चले गए जहां उन्होंने अपने कौशल को निखारने के लिए शेर-ए-कश्मीर स्टेडियम में घंटों बिताए।

इसलिए उनकी वापसी काफी मायने रखती है, क्योंकि 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ चार बार नाकाम रहने के बाद टीम से बाहर किए जाने को पचा पाना मुश्किल था। यह एक ऐसी सीरीज थी जिसमें सभी खिलाड़ी असफल रहे लेकिन आखिर में गाज सिर्फ इस 28 वर्षीय खिलाड़ी पर ही गिरी। इसके बाद वे इंग्लैंड गए जहां उन्होंने बेकेनहैम में एक ‘इंट्रा-स्क्वाड’ मैच (भारत बनाम भारत A) में शतक बनाने के अलावा इंग्लैंड लायंस के खिलाफ एक अनौपचारिक टेस्ट में भारत ए की तरफ से 92 रन बनाए। लेकिन राष्ट्रीय टीम में उनकी वापसी दूर की कौड़ी बनी रही जब तक कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत का अपने घरेलू मैदानों पर लचर प्रदर्शन के कारण खतरे की घंटी नहीं बजी।

सूत्रों की मानें तो टीम प्रबंधन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ गुवाहाटी में दूसरे टेस्ट से पहले सरफराज के बारे में पूछताछ की थी, लेकिन चयन समिति उन्हें वापस टीम में लेने के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन अब सुदर्शन के दाहिने पैर के अंगूठे में लगी चोट के समय पर ठीक नहीं होने के कारण चयन समिति के पास उनकी जगह भरने के लिए तीन विकल्प थे। रुतुराज गायकवाड़, शेख रशीद और सरफराज, जो मौजूदा टीम में कप्तान शुभमन गिल और ऋषभ पंत के अलावा शायद स्पिन गेंदबाजी को खेलने में सबसे माहिर खिलाड़ी है।

ध्रुव जुरेल कुछ समय से स्पिनरों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं। इसलिए यह निश्चित नहीं कहा जा सकता कि उत्तर प्रदेश का यह खिलाड़ी 15 अगस्त से गॉल में शुरू होने वाले पहले टेस्ट में विशुद्ध बल्लेबाज के रूप में खेलेगा। जुरेल पिछले महीने भारत ए टीम के कप्तान के रूप में श्रीलंका आए थे और उन्होंने दो ‘ए’ टेस्ट मैचों में एक शतक और एक अर्द्धशतक बनाया था, लेकिन रविवार को समाप्त हुए अभ्यास मैच में वह ऑफ-स्पिनर का सामना सहज होकर नहीं कर रहे थे। ऑफ स्पिनरों के सामने उनकी कमजोरी जगजाहिर है। ऐसे में सरफराज को पहले टेस्ट मैच के लिए अंतिम एकादश में जगह मिल सकती है। उनके पास स्ट्रोक की बेहतर रेंज है, जिसमें पारंपरिक और रिवर्स स्वीप भी शामिल हैं।

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