कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मेरा आत्मविश्वास बरकरार है : सूर्यवंशी

आईपीएल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक उतार-चढ़ाव भरे सफर के बावजूद किशोर बल्लेबाज सूर्यवंशी हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ T-20 सीरीज से पहले आत्मविश्वास से लबरेज, टीम के लिए शत-प्रतिशत देने को तैयार
कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मेरा आत्मविश्वास बरकरार है : सूर्यवंशी
Dave Thompson
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हरारे : भारत के किशोर बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने स्वीकार किया कि पिछले चार महीनों में उनके करियर में कई उतार-चढ़ाव आए हैं लेकिन जिम्बाब्वे के खिलाफ गुरुवार से शुरू हो रही T-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज से पहले उनका आत्मविश्वास पूरी तरह कायम है। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में शानदार प्रदर्शन के दम पर 15 वर्षीय सूर्यवंशी को भारत के आयरलैंड और इंग्लैंड T-20 दौरे में शामिल किया गया। हालांकि बेलफास्ट में आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की सीरीज में उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में दूसरे T-20 मैच में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया। इसके साथ ही वह सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ते हुए भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बन गए।

सूर्यवंशी ने अगले तीन मुकाबले खेले, लेकिन बड़ी पारियां नहीं खेल सके। इसके बाद संजू सैमसन की टीम में वापसी होने पर उन्हें पांचवें और अंतिम T-20 मुकाबले से बाहर कर दिया गया। भारत यह सीरीज 0-4 से हार गया। उन्हें अंतिम मैच से बाहर किए जाने के फैसले की कई पूर्व क्रिकेटरों ने आलोचना की और सवाल उठाया कि केवल तीन पारियों के बाद किशोर बल्लेबाज को बाहर करना सही नहीं था। सूर्यवंशी ने कहा, ‘हां, पिछले चार महीनों में कई उतार-चढ़ाव आए हैं। यह क्रिकेट का हिस्सा है और ऐसा आगे भी होता रहेगा। लेकिन मुझे अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना है और टीम के लिए अपना शत प्रतिशत देना है।’ सूर्यवंशी के हरारे की परिस्थितियों से परिचित होने के कारण बृहस्पतिवार को पहले T-20 मैच में उनके अंतिम एकादश में शामिल होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

इंग्लैंड के खिलाफ पांचवें और अंतिम T-20 से बाहर किए जाने के बाद सूर्यवंशी भावुक दिख रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि कम उम्र में ऐसी निराशाओं से उबरना आसान नहीं होता, लेकिन उन्हें अपने आसपास के लोगों और कोचिंग स्टाफ से पूरा सहयोग मिला जिससे वह दोबारा अपना ध्यान खेल पर केंद्रित कर सके। उन्होंने कहा, ‘यह स्वाभाविक है कि मुझे जिस भी तरह की मदद या मार्गदर्शन चाहिए, कोच मुझे उपलब्ध करा रहे हैं। जितना अभ्यास मुझे चाहिए, वह भी मिल रहा है। मैं बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं और आत्मविश्वास से भरा हूं।’ सूर्यवंशी इस साल फरवरी में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम के अहम सदस्य थे।

उन्होंने इसी मैदान पर फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ महज 80 गेंदों में 175 रन की विस्फोटक पारी खेलकर भारत को खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा, ‘यह मैदान मेरे लिए बहुत यादगार है। केवल चार महीने पहले हमने यहां अंडर-19 विश्व कप का फाइनल जीता था इसलिए यह मेरे लिए बेहद खास मैदान है। भारत का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है और यह मेरे लिए बहुत विशेष पल है।’ उन्होंने कहा, ‘जिस मैदान पर हमने चार महीने पहले इतिहास रचा था, उसी मैदान पर फिर से भारत के लिए खेलना एक अलग ही अहसास है। मैं इसका भरपूर आनंद ले रहा हूं।’

किशोर बल्लेबाज ने कहा कि यदि उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वह अंडर-19 विश्व कप के दौरान यहां हासिल किए गए अनुभव का पूरा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। सूर्यवंशी ने कहा, ‘यहां की पिच और परिस्थितियों के बारे में मुझे अच्छी जानकारी है। उस टूर्नामेंट से जो भी सीख मिली, उसे अब इन मैचों में लागू करने की कोशिश करूंगा और अच्छा प्रदर्शन करूंगा।’ उन्होंने कहा, ‘अब तक मैंने जो अभ्यास किया है, उसी पर भरोसा रखूंगा और अपने खेल के अनुसार खेलने की कोशिश करूंगा। टीम के लिए जितना भी योगदान दे सकूं, वह देने का पूरा प्रयास करूंगा। मैंने इस मैदान पर दो मैच खेले हैं और दोनों में मेरा प्रदर्शन अच्छा रहा था। अब उसी लय को आगे भी जारी रखना चाहता हूं।’

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