सिंगापुर ओपन : सात्विक-चिराग की जोड़ी ने किया उलटफेर

भारत की चौथी वरीय जोड़ी ने 52 मिनट चले सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन जोड़ी हो और जे को 21-19, 21-18 से मात दी।
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सात्विक-चिराग (फाइल फोटो)
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सिंगापुर : भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की स्टार जोड़ी ने शनिवार को यहां सिंगापुर ओपन सुपर 750 बैडमिंटन टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में कोरिया के किम वोन हो और सियो सेउंग जे की शीर्ष वरीयता प्राप्त और दुनिया की नंबर एक जोड़ी को सीधे गेम में हराकर उलटफेर करते हुए फाइनल में प्रवेश किया। भारत की चौथी वरीय जोड़ी ने 52 मिनट चले सेमीफाइनल में मौजूदा विश्व चैंपियन जोड़ी हो और जे को 21-19, 21-18 से मात दी। अब रविवार को होने वाले फाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना इंडोनेशिया के फजर अल्फियान और मुहम्मद शोहिबुल फिक्री की तीसरी वरीयता प्राप्त जोड़ी तथा चीन के लियांग वेई कांग और चांग वांग की पांचवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

लेकिन मिश्रित युगल स्पर्धा में ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो की जोड़ी का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया। उन्हें जापान के युइची शिमोगामी और सायाका होबारा की जोड़ी के हाथों 16-21, 21-17, 13-21 से हार का सामना करना पड़ा। भारत और कोरिया की जोड़ियों के बीच खेला गया पुरुष युगल सेमीफाइनल बेहद कड़ा रहा। पहले गेम के ब्रेक तक कोरियाई खिलाड़ी 13-11 से मामूली बढ़त बनाए हुए थे। लेकिन सात्विक और चिराग ने हार नहीं मानी और अहम अंक हासिल करते हुए शानदार वापसी की और पहला गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में भी सात्विक और चिराग के लिए राह आसान नहीं थी जिसमें वे 11-14 से पीछे चल रहे थे। लेकिन भारतीय जोड़ी ने संयम बनाए रखा और पिछड़ने के बावजूद वापसी करते हुए कोरियाई जोड़ी को हराकर उलटफेर कर दिया।

चिराग ने कहा कि जब हालात मुश्किल थे, तब उन्होंने और सात्विक ने एक-दूसरे का साथ दिया। उन्होंने कहा, ‘जब हम पिछड़ रहे थे, तब भी हम एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते रहे और डटे रहे। हमें पता था कि वे जरूर संघर्ष करेंगे और अगर हम अपनी रणनीति पर कायम रहे, तो हमें कामयाबी जरूर मिलेगी। हमें खुद पर यह भरोसा था और आखिरकार सब कुछ हमारे पक्ष में रहा।’ सात्विक ने कहा, ‘हम बस नेट की तरफ लगातार दबाव बनाते रहे। मुझे लगा कि वे बचाव करने की स्थिति में सहज महसूस नहीं कर रहे थे। हमारी शुरुआत हमेशा थोड़ी धीमी होती है, इसलिए हमें थोड़ा तालमेल बिठाने की जरूरत होती है।’ चिराग ने कहा कि उनकी जोड़ी सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं। सुधार एक लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।

कोई भी कभी भी पूरी तरह से ‘परफेक्ट’ नहीं हो सकता। सुधार की गुंजाइश हमेशा बनी रहती है। हम लगातार खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करते रहते हैं। इसी वजह से हमें लगता है कि हम सही दिशा में बढ़ रहे हैं।’ यह दुनिया की नंबर एक कोरियाई जोड़ी के खिलाफ इस भारतीय स्टार जोड़ी की पहली जीत थी। इससे पहले भी कई मौकों पर वे जीत के बेहद करीब पहुंच चुके थे। चिराग ने कहा, ‘असल में, हमारी उनसे एक बार पिछले साल इंडिया ओपन में, और फिर मलेशिया ओपन के सेमीफाइनल और चीन ओपन के फाइनल में भिड़ंत हुई थी। मुकाबले बेहद करीबी रहे थे, लेकिन हमें यह अहसास हो गया था कि अगर उन्हें हराना है, तो हमें बेहद संयमित और स्थिर होकर खेलना होगा। हमें पता था कि इस पूरे सर्किट में उनका डिफेंस सबसे मजबूत है।’

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