

नयी दिल्ली : भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद का मानना है कि पीवी सिंधु ने जापान में शानदार प्रदर्शन कर सकारात्मक संकेत दिए हैं और वह आगामी ओलंपिक में प्रतिद्वंद्वियों के लिए बड़ी चुनौती साबित होंगी। विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के शुभंकर और गीत लॉंच कार्यक्रम के दौरान गोपीचंद ने कहा, ‘सिंधु निश्चित रूप से मजबूत दावेदार हैं और सभी के लिए बड़ी चुनौती भी।’
उन्होंने कहा, ‘यह देखना दिलचस्प होगा कि वह आन से यंग के खिलाफ कैसा खेलती हैं। लेकिन चेन यूफेई, हान यूए और अन्य शीर्ष खिलाड़ियों को हराने की क्षमता उनमें है।’ गोपीचंद ने कहा कि 2028 ओलंपिक अभी दूर है, लेकिन कई खिलाड़ी अब भी सिंधु की खेल शैली को पूरी तरह समझ नहीं पाए हैं, इसलिए वह भविष्य में भी खतरनाक प्रतिद्वंद्वी रहेंगी।
इकतीस वर्षीय सिंधु सेमीफाइनल में चेन यूफेई के खिलाफ 21-19, 15-10 से आगे थीं, तभी चीन की खिलाड़ी मांसपेशियों की चोट के कारण मुकाबले से हट गईं। यह सिंधु का 2024 में लखनऊ में सैयद मोदी इंटरनेशनल जीतने के बाद पहला फाइनल है। उन्होंने उसी वर्ष मलेशिया ओपन सुपर 500 में उपविजेता का स्थान भी हासिल किया था।
उनका पिछला बड़ा खिताब 2022 का सिंगापुर ओपन सुपर 500 था। जापान ओपन में सिंधु ने दूसरे दौर में चीन की पांचवीं वरीयता प्राप्त हान यूए को सीधे गेम में हराया था। इसके बाद जापान की नोजोमी ओकुहारा ने वॉकओवर दे दिया जबकि सेमीफाइनल में चेन यूफेई चोट के कारण हट गईं।