

नयी दिल्ली : भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप के पहले दिन सोमवार को यहां पुरुष एकल में बड़ा उलटफेर करते हुए चीन के विश्व नंबर-एक शी यू की के खिलाफ यादगार जीत दर्ज की जबकि दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने महिला एकल में आसान जीत के साथ अगले दौर में जगह बना ली। बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में 1965 के बाद पुरुष एकल फाइनल में पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने 21 वर्षीय शेट्टी ने 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज कर पुरुष एकल के दूसरे दौर में प्रवेश किया। यह उनके छोटे से करियर की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। अप्रैल में एशियाई चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने के दौरान उन्होंने ली शी फेंग, जोनाथन क्रिस्टी और कुनलावुत वितिदसर्न जैसे दिग्गजों को हराया था।
इस साल यूएस ओपन सुपर 300 का खिताब जीत चुके शेट्टी ने घरेलू दर्शकों के समर्थन के बीच मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर दिखाए और पहले गेम में 11-5 की बढ़त बना ली। इस दौरान चीन के खिलाड़ी ने भी कई गलतियां कीं। वह कभी शटल नेट में उलझा बैठे तो कभी शॉट कोर्ट से बाहर मार गए। शेट्टी ने इन गलतियों का पूरा फायदा उठाते हुए पहला गेम 21-14 से अपने नाम कर लिया। शी ने हालांकि अपने अनुभव का इस्तेमाल किया। उन्होंने लंबी रैलियों के जरिए शेट्टी को थकाने की रणनीति अपनाई। भारतीय खिलाड़ी के खेल में भी गलतियां बढ़ने लगीं और शी ने दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। शेट्टी ने निर्णायक गेम में उन्होंने संयम बनाए रखा और रणनीति में समझदारी दिखाई।
उन्होंने जोखिम भरे शॉट खेलने के बजाय शटल को कोर्ट के भीतर रखने पर जोर दिया और शी को गलतियां करने के लिए मजबूर किया। शेट्टी ने निर्णायक गेम में 11-5 की बढ़त बनाई और फिर स्कोर को 15-5 तक पहुंचा दिया जिससे लगा कि भारतीय खिलाड़ी आसानी से मुकाबला जीत लेंगे, लेकिन शी यू की ने जबरदस्त वापसी की। शेट्टी की गलतियों का फायदा उठाकर चीन के खिलाड़ी ने अंतर घटाकर 20-15 कर दिया। इसके बाद उन्होंने लगातार चार अंक जुटाकर स्कोर 20-19 कर दिया। मुकाबला बेहद रोमांचक मोड़ पर पहुंच चुका था। शेट्टी ने इस दबाव भरे क्षण में अपना धैर्य नहीं खोया। उन्होंने अगला अंक जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया सिंधु ने महिला एकल के पहले दौर में आयरलैंड की सोफिया नोबल को सीधे गेम में हराकर अपने ऐतिहासिक छठे पदक की दावेदारी का शानदार आगाज किया।
नौवीं वरीयता प्राप्त भारतीय स्टार ने सोफिया की चुनौती से आसानी से पार पाते हुए 21-7, 21-11 से जीत दर्ज कर दूसरे दौर में प्रवेश किया। पांच बार की विश्व चैंपियनशिप पदक विजेता सिंधु ने महज 29 मिनट में मुकाबला अपने नाम किया। वह शुरुआत से ही मुकाबले में हावी रहीं और अपने अनुभव तथा धैर्यपूर्ण खेल से सोफिया को लगातार दबाव में रखा। सिंधु ने पहले गेम में ब्रेक तक 11-2 की मजबूत बढ़त बना ली थी, जिसके बाद उन्होंने आसानी से गेम अपने नाम कर लिया। दूसरे गेम में नोबल ने बेहतर चुनौती पेश की और एक समय सिंधु को कड़ी टक्कर देती दिखी लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए ब्रेक तक 11-8 की बढ़त हासिल कर ली। सिंधु ने इसके बाद प्रतिद्वंद्वी को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। शानदार ड्रॉप शॉट और दमदार स्मैश के जरिए उन्होंने खेल पर नियंत्रण बनाए रखा और नेट के पास शानदार बैकहैंड ड्रॉप के साथ मैच समाप्त किया।
सिंधु के नाम अब तक विश्व चैंपियनशिप में एक स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हैं। उन्होंने 2019 में स्वर्ण पदक जीता था। मौजूदा प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंचते ही उनका कम से कम कांस्य पदक पक्का हो जाएगा और वह विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में छह पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन जाएंगी। अब तक केवल दो अन्य खिलाड़ियों ने विश्व चैंपियनशिप में पांच पदक जीते हैं। चीन के महान पुरुष खिलाड़ी लिन डैन ने पांचों पदक स्वर्ण के रूप में जीते, जबकि उनकी हमवतन झाओ युनलेई ने मिश्रित युगल में तीन और महिला युगल में दो खिताब अपने नाम किए हैं। सिंधु ने जीत के बाद कहा कि उन्होंने मुकाबले की शुरुआत अच्छी की और बढ़त को पूरे गेम में बरकरार रखा। उन्होंने कहा, ‘मैंने अच्छी शुरुआत की और बड़ी बढ़त बना ली थी। बीच-बीच में दो-तीन अंक जरूर गंवाए, लेकिन मैं बढ़त बनाए रखने में सफल रही।
मेरे लिए यह अच्छी शुरुआत थी और मैं पूरे मुकाबले के दौरान सहज महसूस कर रही थी।' उन्होंने कहा, ‘दूसरे गेम के शुरुआती हिस्से में मैं कुछ ड्रॉप और हाफ-स्मैश आजमा रही थी, लेकिन उनमें से कुछ शॉट थोड़े बाहर चले गए। जब आप बढ़त में हों तो कुछ चीजों को आजमाना ठीक है।’ सिंधु अगले दौर में कनाडा की वेन यू झांग से भिड़ेंगी। झांग ने पहले दौर में बुल्गारिया की स्टेफनी स्टोएवा को 21-7, 21-19 से शिकस्त दी। राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता तृषा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने महिला युगल में स्पेन की पाउला लोपेज और लुसिया रोड्रिगेज पर 21-9, 21-13 से आसान जीत के साथ अभियान शुरू किया। भारतीय जोड़ी के सामने अगले दौर में अमेरिका की 16वीं वरीय लॉरेम लैम और एलिसन क्विन्ह की चुनौती होगी।
कविप्रिया सेल्वम और सिमरन सिंघी ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पेन की निकोल करुल्ला और कारमेन मारिया जिमेनेज की जोड़ी को 46 मिनट चले मुकाबले में 22-20, 21-14 से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। भारतीय जोड़ी का सामना अब नौवीं वरीयता प्राप्त बुल्गारिया की गैब्रिएला स्टोएवा और स्टेफनी स्टोएवा की जोड़ी से होगा। टूर्नामेंट में भारत की ओर से पहला मुकाबला खेलने उतरे हरिहरन अम्साकरुणन और एमआर अर्जुन की जोड़ी ने भी दूसरे दौर में जगह बना ली। भारतीय जोड़ी के खिलाफ पुरुष युगल के पहले दौर में स्कॉट गिल्डिया और पॉल रेनॉल्ड्स की जोड़ी ने 16-21, 4-6 से पिछड़ने के बाद मुकाबला छोड़ दिया। हरिहरन और अर्जुन की टक्कर अब कोरिया की 15वीं वरीय मिन ह्युक कांग और डोंग जू की से होगी। कोरिया की जोड़ी को पहले दौर में बाई मिली थी। पांचवीं वरीय स्टार भारतीय जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को भी पहले दौर में बाई मिली है। वे दूसरे दौर में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल की जोड़ी से भिड़ेंगे।