शेल्टन अमेरिकी ओपन फाइनल में, मुकाबला ज्वेरेव से

अमेरिकी उम्मीदों का नया चेहरा बने बेन शेल्टन ने टियाफो को हराकर पहली बार ग्रैंड स्लैम फाइनल में जगह बनाई, अब खिताब के लिए फ्रेंच ओपन चैंपियन और शीर्ष वरीय अलेक्जेंडर ज्वेरेव से टक्कर
शेल्टन अमेरिकी ओपन फाइनल में, मुकाबला ज्वेरेव से
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न्यूयॉर्क : अमेरिका के बेन शेल्टन ने हमवतन फ्रांसिस टियाफो को हराकर अमेरिकी ओपन के पुरुष एकल फाइनल में प्रवेश कर लिया, जहां उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। स्थानीय खिलाड़ियों के बीच हुए इस मुकाबले को देखने के लिए स्टेडियम दर्शकों से खचाखच भरा था। दोनों का हौसला बढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में प्रशंसक और कई मशहूर हस्तियां मौजूद थीं। दोनों पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे थे। रविवार को होने वाले फाइनल में दर्शकों का समर्थन लगभग पूरी तरह शेल्टन के पक्ष में रहने की उम्मीद है। अब वह लंबे समय से चले आ रहे अमेरिकी ग्रैंड स्लैम खिताब के सूखे को खत्म करने की सबसे बड़ी उम्मीद बन गए हैं।

आठवीं वरीयता प्राप्त शेल्टन ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में टियाफो को 4-6, 6-3, 6-3, 7-5 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। खिताबी मुकाबले में उनका सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त अलेक्जेंडर ज्वेरेव से होगा। अमेरिका को पुरुष एकल में पिछला ग्रैंड स्लैम खिताब 2003 में मिला था, जब एंडी रॉडिक ने फ्लशिंग मीडोज में अमेरिकी ओपन का खिताब जीता था। शेल्टन ने कहा, ‘मैं यहां अपना सब कुछ झोंकने जा रहा हूं और कोर्ट पर कुछ भी बाकी नहीं छोड़ूंगा। उम्मीद है कि आप सभी आकर मेरा समर्थन करेंगे। आइए, इसे अमेरिका के लिए करते हैं।’  शेल्टन ने क्वार्टर फाइनल में गत चैंपियन कार्लोस अल्काराज को हराने के बाद भी अपनी ऊर्जा बरकरार रखी।

अल्काराज के खिलाफ उनका मुकाबला बुधवार तड़के 3 बजकर 33 मिनट पर समाप्त हुआ था, जो अमेरिकी ओपन के इतिहास में अब तक का सबसे देर से खत्म होने वाला मुकाबला था। अब शेल्टन के सामने फ्रेंच ओपन चैंपियन ज्वेरेव की चुनौती है। जर्मनी के इस खिलाड़ी को अच्छी तरह अंदाजा है कि रविवार का मुकाबला अमेरिकी टेनिस के लिए कितना महत्वपूर्ण है। ज्वेरेव ने कहा, ‘उम्मीद है कि रविवार को मैं अमेरिकी सपने को साकार नहीं होने दूंगा।’ ज्वेरेव ने पहले सेमीफाइनल में कारेन खाचानोव को 6-3, 7-6 (7), 7-6 (6) से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। टियाफो को तीसरी बार अमेरिकी ओपन के सेमीफाइनल में हार का सामना करना पड़ा। इससे पहले 2024 में उन्हें हमवतन टेलर फ्रिट्ज ने, जबकि उससे पहले यानिक सिनर ने हराया था। 

टियाफो ने कहा, ‘मैं ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचना चाहता था। जाहिर तौर पर यह बहुत बड़ा मुकाबला था। बेन ने आज रात शानदार खेल दिखाया। उसकी सर्विस भी बेहद अच्छी रही, जिसने मेरे लिए मुकाबला काफी मुश्किल बना दिया।’ ज्वेरेव को लंबे समय तक ऐसे पुरुष खिलाड़ी के तौर पर देखा जाता रहा, जिन्होंने ग्रैंड स्लैम खिताब नहीं जीता था, लेकिन उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में गिना जाता था। इस साल फ्रेंच ओपन में आखिरकार उन्होंने यह इंतजार खत्म किया। इसके बाद जर्मन खिलाड़ी विंबलडन के फाइनल में भी पहुंचे, जहां उन्हें सिनर के हाथों हार का सामना करना पड़ा। इस सत्र में ग्रैंड स्लैम मुकाबलों में ज्वेरेव का रिकॉर्ड 24-2 है। 

ज्वेरेव ने कहा, 'कभी-कभी परिस्थितियां आपके पक्ष में चली जाती हैं। मुझे लगता है कि ग्रैंड स्लैम स्तर पर मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा है। मैं कई बार खिताब के बेहद करीब पहुंचा, लेकिन शायद इस साल भगवान ने तय किया है कि यह मेरा साल होगा। अब मैं कोर्ट पर अपने समय का आनंद लेना चाहता हूं।' अब ज्वेरेव उस खिताब को जीतने की कोशिश करेंगे, जिसे 2020 में गंवाने का मलाल उन्हें आज भी है। उस साल उन्होंने डोमिनिक थीम के खिलाफ शुरुआती दो सेट जीत लिए थे, लेकिन निर्णायक पांचवें सेट के टाईब्रेक में हार गए थे। ज्वेरेव ने इस टूर्नामेंट में लगातार 13 सेट जीते हैं। वह किसी ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के शुरुआती दो दौर में पांच-पांच सेट के मुकाबले खेलने वाले पहले शीर्ष वरीय खिलाड़ी भी बने थे।

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