

नयी दिल्ली : एशियाई खेलों के लिए चुने गए लगभग सभी भारतीय ट्रैक एवं फील्ड एथलीट गुरुवार को यहां भारतीय एथलेटिक्स सीरीज फाइनल में हिस्सा लेंगे जिसमें फिट होकर वापसी करने वाले स्टीपलचेज के स्टार खिलाड़ी अविनाश साबले भी शामिल हैं। यह प्रतियोगिता इस महीने के अंत में जापान में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारियों का हिस्सा है। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में होने वाली एकदिवसीय आमंत्रण प्रतियोगिता भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) की ओर से अप्रैल में शुरू की गई 15 चरण वाली भारतीय एथलेटिक्स सीरीज का फाइनल है। राष्ट्रीय महासंघ ने कुल 65 लाख रुपये की इनामी राशि के साथ फाइनल को लुभावना बनाने का प्रयास किया है। प्रत्येक 30 स्पर्धाओं के विजेता को एक लाख रुपये की इनामी राशि मिलेगी।
दूसरे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को 50 हजार रुपये जबकि तीसरे, चौथे, पांचवें और छठे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को क्रमश: 25 हजार, 20 हजार, 15 हजार और 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। लंबी कूद के खिलाड़ी मुरली श्रीशंकर, ऊंची कूद के सर्वेश कुशारे और त्रिकूद के प्रवीण चित्रावेल जैसे कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर जापान में 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों के लिए चुनी गई 77 सदस्यीय भारतीय टीम के लगभग सभी खिलाड़ी गुरुवार को प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। श्रीशंकर हाल में ग्लास्गो में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुके हैं और इस सत्र में जिन भी प्रतियोगिताओं में उतरे हैं उनमें आठ मीटर से अधिक की दूरी सफलतापूर्वक हासिल की है।
वह एशियाई खेलों से पहले टोक्यो के पास सुकुबा विश्वविद्यालय में अभ्यास के लिए पहले ही जापान पहुंच चुके हैं। बाकी खिलाड़ी शनिवार को जापान रवाना होंगे और अगले दिन सुकुबा विश्वविद्यालय पहुंचकर अनुकूलन शिविर में हिस्सा लेंगे। वे एथलेटिक्स स्पर्धाएं शुरू होने से दो दिन पहले 21 सितंबर को आइची-नागोया पहुंचेंगे। यह पहली बार नहीं है जब AFI ने विजेताओं के लिए पुरस्कार राशि रखी है। चोटिल नीरज चोपड़ा की जगह एशियाई खेलों की टीम में जगह बनाने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के कांस्य पदक विजेता भाला फेंक खिलाड़ी यशवीर सिंह, साबले, गोला फेंक के तेजिंदरपाल सिंह तूर, 100 मीटर बाधा दौड़ की ज्योति याराजी और लंबी कूद की एंसी सोजन प्रतियोगिता के प्रमुख आकर्षण में शामिल होंगे।
यह प्रतियोगिता साबले के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि AFI ने एशियाई खेलों के आयोजकों से उन्हें पांच हजार मीटर दौड़ में भी हिस्सा लेने की अनुमति देने का अनुरोध किया है। हालांकि इसके लिए साबले को गुरुवार की दौड़ में एएफआई द्वारा निर्धारित 13 मिनट 39.18 सेकेंड के क्वालीफाइंग स्तरको हासिल करना होगा। उनकी मुख्य स्पर्धा 3000 मीटर स्टीपलचेज में एशियाई खेलों में भागीदारी पहले ही सुनिश्चित है। पिछले साल एसीएल सर्जरी कराने के बाद साबले ने इस सत्र में अब तक सिर्फ एक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया है। उन्होंने 2023 में हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज में स्वर्ण और 5000 मीटर में रजत पदक जीता था।
भारत के सबसे तेज पुरुष धावक और 100 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक गुरिंदरवीर सिंह, 200 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक अनिमेष कुजूर और 400 मीटर के राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक विशाल टीके भी प्रतियोगिता में चुनौती पेश करेंगे। राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता गुलवीर सिंह प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले रहे हैं क्योंकि इसमें लंबी दूरी की स्पर्धाओं को शामिल नहीं किया गया है। मैराथन, पैदल चाल, हेप्टाथलन, डेकाथलन, पुरुषों की चक्का फेंक और महिलाओं की 200 मीटर दौड़ को भी प्रतियोगिता से बाहर रखा गया है।
स्पर्धाओं की सूची इस प्रकार है
पुरुष : 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज, 110 मीटर बाधा दौड़, 400 मीटर बाधा दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, त्रिकूद, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, तार गोला फेंक और भाला फेंक।
महिला : 100 मीटर, 400 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर, 3000 मीटर स्टीपलचेज, 100 मीटर बाधा दौड़, 400 मीटर बाधा दौड़, ऊंची कूद, लंबी कूद, त्रिकूद, पोल वॉल्ट, गोला फेंक, तार गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक।