नीरज चोपड़ा एशियाई खेलों से बाहर

टखने की गंभीर चोट के कारण ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने 2026 का पूरा सत्र छोड़ा, एशियाई खेलों और डायमंड लीग फाइनल में भारत की स्वर्ण उम्मीदों को बड़ा झटका
Javelin Throw World Championship
नीरज चोपड़ा
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नयी दिल्ली : भारत के एशियाई खेलों में एथलेटिक्स के अभियान को करारा झटका लगा है क्योंकि दो बार के ओलंपिक पदक विजेता नीरज चोपड़ा ने शनिवार को घोषणा की कि अभ्यास के दौरान उनके टखने के ‘लिगामेंट’ में चोट लगने के कारण वह 2026 के बाकी सत्र में नहीं खेल पाएंगे। चोपड़ा ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि लुसाने डायमंड लीग में सत्र का सर्वश्रेष्ठ थ्रो करने के कुछ ही समय बाद उन्हें चोट लगी। इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में कहा, ‘कड़ी मेहनत के बाद मुझे लग रहा था कि मैं आखिरकार अच्छी लय हासिल कर रहा हूं, जिसकी मुझे तलाश थी और लुसाने में मैंने सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।’ उन्होंने कहा, ‘दुर्भाग्य से कुछ समय बाद ही अभ्यास के दौरान मेरे टखने का ‘लिगामेंट’ फट गया। अपने डॉक्टर और टीम से सलाह मशविरा करने के बाद हमने फैसला किया है कि मैं इस सत्र में आगे नहीं खेल पाऊंगा।’

भाला फेंक के 28 वर्षीय दिग्गज ने कहा कि यह निराशाजनक है क्योंकि उन्हें लग रहा था कि वह ‘अपनी लय हासिल करने के करीब’ थे, लेकिन इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि उनका तत्काल ध्यान पूरी तरह फिट होने पर होगा। चोपड़ा ने कहा, ‘अब मेरा ध्यान पूरी तरह से फिट होने और पहले से भी अधिक मजबूत होकर वापसी करने पर है।’ भले ही उनका ध्यान पूरी तरह से फिट होने पर है लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि चोट से पूरी तरह उबरने के बाद वह प्रतियोगिता में वापसी करने का इरादा रखते हैं। चोपड़ा ने कहा, ‘यह निराशाजनक है, खासकर इसलिए क्योंकि मुझे लग रहा था कि मैं अपनी लय पाने के करीब था। लेकिन जैसा कि कहते हैं, उतार-चढ़ाव तो जीवन का हिस्सा होते हैं। आप सभी के प्यार और समर्थन के लिए आभार।’

चोपड़ा के इस सत्र से हटने का मतलब यह भी है कि वह पांच सितंबर को ब्रुसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भी नहीं खेल पाएंगे, जिसके लिए उन्होंने क्वालीफाई कर लिया था।चोपड़ा का नाम वापस लेना एशियाई खेलों में भारत के लिए एक बड़ा झटका है, जहां उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद की जा रही थी। टोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता को सत्र के दूसरे भाग में चुनौतीपूर्ण दौर से गुजरना पड़ा था, लेकिन लुसाने में उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि वह अपनी लय फिर से हासिल कर रहे हैं। चोपड़ा पिछले कुछ वर्षों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पेरिस ओलंपिक 2024 में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2023 में बुडापेस्ट में विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय खिलाड़ी हैं।

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