मेरी फिटनेस का स्तर 2022 जैसा है : साबले

गंभीर चोट और एसीएल सर्जरी के बाद भी अविनाश साबले का आत्मविश्वास बरकरार, एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज का स्वर्ण बचाने पर निगाहें
फाइल फोटो
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बेंगलुरू : चोट से उबरने के बाद वापसी करने वाले अविनाश साबले का मानना है कि उनकी फिटनेस का स्तर 2022 जैसा ही है और वह एशियाई खेलों में 3000 मीटर स्टीपलचेज का स्वर्ण पदक बरकरार रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साबले को ACL (एंटीरियर क्रूसिएट लिगामेंट) की सर्जरी करानी पड़ी थी जिस कारण वह राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं ले पाए थे। हालांकि उन्होंने एशियाई खेलों के लिए कड़ा अभ्यास किया है और उन्हें जापान में होने वाले इन खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। साबले ने कहा, ‘मैंने 2022 के एशियाई खेलों में भाग लिया था। मेरी फिटनेस का स्तर अब भी वही है।

उन्होंने कहा, ‘एशियाई खेलों में मेरी स्पर्धा के लिए केवल 24 दिन बचे हैं। मेरी तैयारी बहुत अच्छी है। 2025 में मोनाको डायमंड लीग के दौरान लगी चोट के बाद मेरी तैयारी में काफी उतार-चढ़ाव आए, लेकिन मैंने लगातार अभ्यास किया है और मेरी तैयारी अच्छी है।’ साबले ने कहा, ‘मुझे एशियाई खेलों में अच्छे प्रदर्शन करने का पूरा भरोसा है। मुझे लगता है कि मेरी फिटनेस अब पहले जैसी हो गई है।’ हालांकि उन्होंने उस गंभीर चोट से उबरने के बाद से केवल एक ही प्रतियोगिता बेल्जियम के ओर्डेगेम में आयोजित IFAM आउटडोर वर्ल्ड एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर में भाग लिया है।

लेकिन उन्होंने अपनी पसंदीदा 3000 मीटर स्टीपलचेज स्पर्धा में भाग नहीं लिया, बल्कि 5000 मीटर दौड़ में हिस्सा लिया था। साबले ने कहा, ‘मुझे लगता है कि प्रतियोगिताओं में भाग लेना बहुत महत्वपूर्ण होता है। चोट के कारण मैं राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं ले पाया था। तब मुझे बहुत बुरा लगा था। उस समय मेरी फिटनेस अच्छी नहीं थी। लेकिन मैं एशियाई खेलों में भाग लेना चाहती था।’ साबले अब 10 सितंबर को नयी दिल्ली में होने वाली भारतीय एथलेटिक्स सीरीज के फाइनल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस 30 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘एक साल में यह मेरी पहली स्टीपलचेज प्रतियोगिता होगी। अच्छी तैयारी के लिए प्रतियोगिताओं में भाग लेना महत्वपूर्ण होता है। मुझे पूरी उम्मीद है कि मैं एशियाई खेलों में भाग लूंगा और वहां अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करूंगा।’

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