अपनी तैयारियों को पुख्ता करने की कोशिश करेंगी मीराबाई

चानू ने टूर्नामेंट शुरू होने की पूर्व संध्या पर कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य अक्टूबर में नॉर्वे में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और अगले साल जापान में होने वाले एशियाई खेलों में पदक हासिल करना है।
अपनी तैयारियों को पुख्ता करने की कोशिश करेंगी मीराबाई
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अहमदाबाद : अनुभवी भारतीय खिलाड़ी मीराबाई चानू चोटों से उबरने के बाद वापसी की राह पर हैं और उनका पहला पड़ाव रविवार से यहां शुरू होने वाली राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप है। मीराबाई इस आयोजन से अक्टूबर में नॉर्वे में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए अपनी तैयारियों को पुख्ता करने की कोशिश करेंगी। चानू ने टूर्नामेंट शुरू होने की पूर्व संध्या पर कहा कि उनका अंतिम लक्ष्य अक्टूबर में नॉर्वे में होने वाली विश्व चैंपियनशिप और अगले साल जापान में होने वाले एशियाई खेलों में पदक हासिल करना है।

उन्होंने कहा, ‘मैं अहमदाबाद में अपना पूरा जोर नहीं लगा रही हूं क्योंकि मैं विश्व चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हूं। मेरा सबसे बड़ा लक्ष्य एशियाई खेल है, जहां मेरा लक्ष्य विश्व रिकॉर्ड तोड़कर पदक जीतना है। मैंने अभी तक एशियाई खेलों का पदक नहीं जीता है।’ टोक्यो ओलंपिक (2020) में रजत पदक जीतने वाली 31 साल की मीराबाई को पिछले कुछ वर्षों में चोटों के कारण कुछ झटके लगे हैं। वह पिछले साल पेरिस खेलों में भी वह संभावित कांस्य पदक से चूक गई थीं।

मीराबाई 48 किग्रा भार वर्ग में चुनौती पेश करती है और उन्हें राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप के स्नैच वर्ग में 90 किग्रा भार उठाने का भरोसा है। उन्होंने चोट से उबरने का श्रेय अमेरिका में प्रसिद्ध फिजियोथेरेपिस्ट आरोन होर्शिग को दिया। वह होर्शिग की देखरेख में अभ्यास कर रही है। उन्होंने कहा, ‘होर्शिग के साथ अभ्यास के दौरान मुझे चोटों से उबरने में मदद मिली। यह मेरे खेल में एक बड़ा बदलाव लेकर आया है।’

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