ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने मेसी

फ्री किक से 72वां गोल दागकर विश्व कप में सर्वाधिक 19 गोल, गोल्डन बूट की दौड़ में मेसी ने बढ़त बनाई
ऐसा करने वाले पहले खिलाड़ी बने मेसी
Sam Hodde
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अर्लिंग्टन : लियोनेल मेसी का विश्व कप में रिकॉर्ड बनाने का सिलसिला जारी है और अब वह विश्व फुटबॉल के सबसे बड़े मंच पर लगातार सात मैचों में गोल करने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं। इस स्टार स्ट्राइकर ने अर्जेंटीना की जॉर्डन के खिलाफ ग्रुप चरण के अंतिम मैच में 3-1 से जीत के दौरान अपना 19वां गोल करके विश्व कप में सर्वाधिक गोल के अपने रिकार्ड को भी आगे बढ़ाया। अर्जेंटीना के सुपरस्टार ने दूसरे हाफ में स्थानापन्न खिलाड़ी के रूप में आकर यह कारनामा किया। तीन दिन पहले 39 साल के होने के बाद अपना पहला मैच खेल रहे मेसी ने 80वें मिनट में पेनल्टी बॉक्स के ठीक बाहर गिराए जाने के बाद फ्री किक पर गोल किया।

घास की सतह से थोड़ा ऊपर उठी उनकी नीची किक जॉर्डन के दो डिफेंडरों को भेदकर दनदनाती हुई नेट के बाएं कोने में चली गई। इससे पहले मेस्सी फ्रांस के स्ट्राइकर जस्ट फॉन्टेन और ब्राजील के महान खिलाड़ी जैरजिन्हो के साथ विश्व कप के लगातार छह मैचों में गोल करने वाले केवल तीन खिलाड़ियों में से एक थे। यह उनके करियर का फ्री किक पर किया गया 72वां गोल था। इनमें से 12 गोल उन्होंने अर्जेंटीना के लिए किए हैं। मेस्सी ने अब तक 202 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 123 गोल किए हैं और वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सर्वाधिक गोल करने के रिकॉर्ड के मामले में क्रिस्टियानो रोनाल्डो के 145 गोल के बाद दूसरे स्थान पर हैं।

मेसी ने 2014 विश्व कप में नाइजीरिया के खिलाफ फ्री किक पर गोल किया था और 1966 से उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार, विश्व कप में फ्री किक पर दो गोल करने वाले छह खिलाड़ियों में वह भी शामिल हो गए हैं। इस सूची में पेले, रिवेलिनो, टेओफिलो कुबिलास, बर्नार्ड गेंघिनी और डेविड बैकहम भी शामिल हैं। मौजूदा विश्व कप में मेसी के बाद गोल करने वाले अर्जेंटीना के दूसरे खिलाड़ी बने जियोवानी लो सेल्लो ने कहा, ‘मैं उनके लिए बहुत खुश हूं। सच तो यह है कि उन्हें हर दिन खेलते देखना उत्साह से भर देता है और बहुत प्रेरणा देता है। उनका इस तरह से प्रदर्शन करना हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’

दूसरे हाफ की शुरुआत होते ही प्रशंसकों ने मेसी, मेसी चिल्लाना शुरू कर दिया और जब वह केवल वार्मअप करने के लिए बेंच से मैदान पर आए तो उन्होंने जोर-शोर से जयकारे लगाए। जब वह 60वें मिनट में मैदान पर उतरे, तो दर्शकों ने आसमान सिर पर उठा दिया। उन्होंने लोटारो मार्टिनेज की जगह ली, जिन्होंने पहले हाफ में पेनल्टी पर गोल किया था। यूरोप के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी के रूप में आठ बार बैलोन डीओर जीतने वाले मेसी ने तमाम उपलब्धियों के बावजूद किसी भी विश्व कप में सर्वाधिक गोल करने के लिए गोल्डन बूट नहीं जीता है। यह उनका छठा विश्व कप है। इस टूर्नामेंट में मेस्सी के अब छह गोल हो गए हैं, जो काइलियन एमबाप्पे, विनीसियस जूनियर और एर्लिंग हालैंड से दो गोल अधिक हैं।

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