सपना सच होने जैसा : सूर्यवंशी

जिम्बाब्वे पर 3-0 की क्लीन स्वीप में वैभव सूर्यवंशी का तूफानी अर्द्धशतक और करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी, पहली बार प्लेयर ऑफ द मैच और सीरीज बनकर बोले – यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा पल
सपना सच होने जैसा : सूर्यवंशी
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हरारे : ‘प्लेयर ऑफ द मैच और सीरीज’ चुने जाने के बाद भारत के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने इसे अपने लिए ‘सपना सच होने जैसा’ पल बताया और टीम प्रबंधन का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने उन्हें हमेशा अपना स्वाभाविक T-20 खेल खेलने के लिए प्रोत्साहित किया। सूर्यवंशी ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T-20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज में तीन पारियों में 151 रन बनाए और 50.33 की औसत से रन जुटाए। पहले T-20 मुकाबले में बाएं हाथ के बल्लेबाज ने मात्र 19 गेंदों में तूफानी अर्द्धशतक जड़ा था जबकि तीसरे मैच में उन्होंने संयमित बल्लेबाजी करते हुए 49 गेंदों में 81 रन बनाए और भारत को जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में सूर्यवंशी ने कहा, ‘मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। पहला ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ और ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार मिला है। यहां मेरी तैयारी भी काफी अच्छी रही।’ उन्होंने कहा, ‘कोच, कप्तान और पूरी टीम ने मेरा पूरा साथ दिया। मैंने अपना स्वाभाविक T-20 खेल खेलने की कोशिश की। मेरा प्रयास टीम को अच्छी शुरुआत दिलाने का रहता है और अगर शुरुआत अच्छी मिले तो बड़ी पारी खेलने की कोशिश करता हूं।’ सूर्यवंशी ने कहा, ‘मैं यहां अंडर-19 विश्व कप भी खेल चुका हूं और मुझे यहां बल्लेबाजी करना अच्छा लगता है।

अभ्यास में जो करता हूं, वही मैच में दोहराने की कोशिश करता हूं।’ भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर भी टीम की इस जीत से काफी संतुष्ट नजर आए। उनकी कप्तानी में भारत ने पहली T-20 सीरीज जीती है। भारत जिम्बाब्वे दौरे से पहले आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ T-20 सीरीजें हार गया था। श्रेयस ने कहा, ‘ये युवा खिलाड़ी कितनी निडरता से खेलते हैं। इनमें जबरदस्त ऊर्जा और सकारात्मक सोच है। कप्तान के तौर पर मैं खिलाड़ियों से इसी तरह की ऊर्जा की अपेक्षा करता हूं और इस सीरीज में वह देखने को मिली। यह खास जीत है। हमने बेहद पेशेवर अंदाज में खेला और 3-0 से जीत दर्ज की इसलिए यह जीत बहुत विशेष है।’

अपनी कप्तानी के बारे में उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा कोशिश करता हूं कि खिलाड़ी सहज और तनावमुक्त रहें। तभी उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलकर आता है। जब खिलाड़ी जिम्मेदारी लेते हैं और टीम को मैच जिताते हैं, तो वही सबसे बड़ी बात होती है।’ उन्होंने कहा, ‘हमारी टीम में जो संयम और आत्मविश्वास है, अगर आगे भी हम इसी साहस के साथ खेलते रहे, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए बहुत अच्छा होगा।' वहीं जिम्बाब्वे के कप्तान सिकंदर रजा अब अपने देश के लिए सभी प्रारूपों में सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा T-20 विश्व चैंपियन भारत के खिलाफ खेलना उनकी युवा टीम के लिए सीखने का बेहतरीन मौका रहा। हमारे लिए सबसे बड़ी उपलब्धि यह अनुभव रहा।’

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